बाराबंकी। दस दिन पहले हैदरगढ़ क्षेत्र में पाए गए अज्ञात व्यक्ति के शव की शिनाख्त कराकर हैदरगढ़ पुुलिस ने हत्या का खुलासा कर दिया। मृतक पूरन लखनऊ जिले के गोंसाईगंज थाना क्षेत्र के रसूलपुर टिकनियामऊ का रहने वाला था। उसे साथी ने प्रेमिका से बुलवाया और साथियों के साथ मिलकर हत्या कर दी।
हत्या करने के बाद शव हैदरगढ़ क्षेत्र के सीठूमऊ नाले के पास फेंक दिया। पुलिस ने सलामत, उसके तीन साथी और प्रेमिका समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। परिवारीजनों ने मृतक की शिनाख्त कपड़ा, जूता और बेल्ट से की।
यह जानकारी बुधवार को एसपी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि 12 जुलाई को सीठूमऊ निवासी रामऔतार ने पुलिस को लिखित सूचना दी थी कि एक व्यक्ति की लाश सीठूमऊ के महादेवन घाट नहर में पड़ी है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के खुलासे की जिम्मेदारी एसपी ने एएसपी और सीओ के निर्देशन में एसएचओ हैदरगढ़ को सौंपी।
हैदरगढ़ एसएचओ ने लखनऊ के गोसांईगंज थाने में 13 जुलाई को पंजीकृत पूरन की गुमशुदगी मामले में शक के आधार पर उसके परिवारीजनों को बुलाया जिसकी शिनाख्त कपड़ा, जूता व बेल्ट देखकर पिता समवारी ने की थी। उन्होंने शबनम व जुबेर निवासी बनकोट थाना सुबेहा के विरुद्घ हत्या का केस दर्ज किया।
पुलिस ने सलामत निवासी साठामऊ थाना हैदरगढ़ व धर्मराज केवट दांदूपुर थाना हैदरगढ़, दुखहरन केवट निवासी लोनीगढ़ी थाना असंद्रा तथा बलराम निवासी मोतीका पुरवा थाना हैदरगढ़ को दतौली चौराहा बलराम की दुकान से व शबनम निवासी बनकोट थाना सुबेहा को उसके घर से गिरफ्तार किया। इनके पास से घटना में प्रयोग किए गए पांच मोबाइल सिम व बाइक के कलपुर्जे बरामद किए हैं।
एसपी ने बताया कि सलामत और मृतक पूरन तीन वर्ष पूर्व मरखामऊ मुर्गी फार्म पर एक साथ काम करते थे। यहीं पर दोनों की दोस्ती शबनम से हो गई थी। धीरे-धीरे पूरन और शबनम एक दूसरे के काफी निकट आ गए थे। इससे चिढ़कर सलामत ने शबनम से मिलकर 9 जुलाई को पूरन को बुलाया। उसके पहुंचने के बाद शबनम ने पांच सौ रुपए देकर उसे सलामत के पास भेजा।
योजना के अनुसार सलामत अपने साथी दुखहरन, धर्मराज व बलराम के साथ मिलकर करौंदी चौराहे पर शराब पिलाई और रात में गांव के पास स्थित बरसाती नाले के जंगल में लेकर जाकर गमछे से गला घोट कर मार दिया था। पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।