बाराबंकी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 10वीं किस्त का इंतजार कर रहे करीब साढ़े पांच लाख लाभार्थी किसानों को अब थोड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। सरकार ने योजना के नियमों में बदलाव किया है। जिसके तहत किसानों को अब ईकेवाईसी कराना अनिवार्य होगा। नहीं तो उनकी किस्त अटक सकती है।
सबसे अहम बात यह है कि आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आए बिना ईकेवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाएगी। सम्मान निधि का लाभ पाने के लिए हो रहे फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए सरकार ने यह बदलाव किया है।
जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पोर्टल पर पांच लाख 47 हजार पांच सौ 70 किसानों ने अपना पंजीकरण कराया है। जिसमें से चार लाख 63 हजार पांच सौ 69 किसानों को योजना का लाभ मिल रहा है।
सत्यापन में करीब 78 हजार किसान अपात्र मिले हैं। वहीं पांच हजार छह सौ 85 भूमिहीन, आयकर दाता, सरकारी नौकरी, पेंशनर, अधिवक्ता, पति-पत्नी व मृतक सम्मान निधि का लाभ लेते मिले।
उनकी सम्मान निधि की किस्त रोकने के बाद विभाग उनसे वसूली कर रहा है। सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए हो रहे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए मोदी सरकार अब बड़ा बदलाव किया है। जिसके तहत योजना का लाभ पाने के लिए किसानों को सम्मान निधि पोर्टल पर ही ई केवाईसी कराना होगा।
इसके लिए किसान नजदीक जनसेवा केंद्र पर जाकर ईकेवाईसी बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण करा सकेंगे। मगर, किसानों के आधार नंबर से लिंक नंबर पर ही ओटीपी आने के बाद ईकेवाईसी की प्रक्रिया पूरी होगी। अगर, मोबाइल पर ओटीपी नहीं आया तो उनकी किस्त अटक सकती है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पाने वाले व पंजीकरण करा रहे किसानों को अब ईकेवाईसी कराना अनिवार्य होगा। इसके बिना किसानों की सम्मान निधि रोकी जा सकती है। इसके तहत किसानों को सम्मान निधि पोर्टल पर अपने बायोमीट्रिक प्रमाण देना होगा। ओटीपी नंबर उनके आधार नंबर से लिंक मोबाइल पर ही आएगा। इसके बाद ही केवाईसी की प्रक्रिया पूरी होगी।
अनिल कुमार सागर, उप कृषि निदेशक