बाराबंकी। कोरोना संक्रमित को गंभीर देख अस्पताल से भागे दो डॉक्टर व सात स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा अस्पताल की ओर से दी गई तहरीर पर लिखा गया।
जिले के मेयो अस्पताल को जिला प्रशासन ने कोरोना संक्रमितों के उपचार के लिए अधिग्रहीत किया है। शनिवार रात इस अस्पताल में कोरोना के तीन मरीज भर्ती कराए गए थे। इसमें से एक की हालत गंभीर थी। उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया। आईसीयू के डॉक्टर मो. इमरान रविवार को वार्ड में पीपीई किट पहन कर आने की बात कहकर लापता हो गए। उनका फोन स्विच ऑफ हो गया। इसके साथ ही दूसरे चिकित्सक डॉ. महर्ष शुक्ला और नर्सिंग स्टॉफ भी मरीज की हालत गंभीर देखकर अस्पताल से लापता हो गया। इसकी जानकारी अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी रमेश कुमार मिश्रा ने एसपी बाराबंकी और अस्पताल की चेयरपर्सन को दी।
इसके बाद लखनऊ के अस्पताल में भर्ती कोविड-19 के मरीजों का इलाज कर रहे डॉ. अभिषेक को बुलाया गया। वेंटिलेटर के सहारे मरीज की जान बचाई गई और इलाज शुरू हुआ। प्रशासनिक अधिकारी दोनों डॉक्टर व नर्सिंग अधीक्षक वंदना ने नर्सिंग स्टॉफ के खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दी। उसमें कोरोना का मरीज आने के बाद अस्पताल छोड़कर भागने वाले स्टाफ नर्स गौरव प्रजापति, ओमकार, अजय प्रजापति, उमेश कुमार, अमिता मिश्रा, निर्मल तिवारी व पंकज यादव के नाम का उल्लेख किया गया है। इन सभी के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।