बाराबंकी। अपराधियों के फिंगर प्रिंट सुरक्षित करने में जिले को जोन में पहला तो प्रदेश में चौथा स्थान मिला है। जिले में अब तक करीब छह हजार अपराधियों का ब्योरा सुरक्षित कर लिया गया है। इससे पुलिस को धरपकड़ में काफी आसानी होगी।
राष्ट्रीय स्वचलित फिंगर प्रिंट पहचान प्रणाली (एनएएफआईएस) के तहत बीते एक जुलाई से प्रदेशभर में अपराधियों के फिंगर प्रिंट विशेष साॅफ्टवेयर के माध्यम से सुरक्षित किए जा रहे हैं। जिले में यह कार्य पुलिस विभाग की अंगुलि चिह्न इकाई व अन्य इकाइयां कर रही हैं। बीते एक जुलाई से 31 सितंबर तक जिले में 5,953 अपराधियों के फिंगर प्रिंट सुरक्षित हो चुके थे। प्रदेश स्तर पर इसकी समीक्षा के बाद बुधवार को रैंकिंग जारी की गई। इसमें बाराबंकी को जोन में पहला व प्रदेश में चौथा स्थान मिला है।
इस कार्य को लेकर केंद्र व प्रदेश सरकार काफी गंभीर है। इसकी रोजाना समीक्षा हो रही है। अपराधियों के फिंगर प्रिंट सुरक्षित होने के बाद आपराधिक घटनाओं के खुलासे सहित पुलिस के अन्य कार्याें में काफी मदद मिलने वाली है। एसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में चौथा स्थान मिलने से एनएएफआईएस में लगे पुलिसकर्मियों को उत्साहवर्धन हुआ है।