बाराबंकी। इस सीजन पहली बार जिले भर में झमाझम बारिश हुई। गर्मी से जूझ रहे लोगों को खासी राहत मिली। ग्रामीणअंचल में तो किसानों के चेहरे खिल उठे लेकिन शहरी जलभराव की समस्या से जूझते नजर आए। रामसनेहीघाट में सबसे ज्यादा 60 मिमी और फतेहपुर में महज 12 मिमी बारिश हुई।
शहर में शुक्रवार को भोर में बारिश शुरू हुई। दोपहर और शाम को तेज बारिश से जलभराव की समस्या खड़ी हो गई। जिला महिला अस्पताल, खाद्य आपूर्ति विभाग सहित कई कार्यालय परिसरों में पानी भर गया। लखपेड़ाबाग, लक्ष्मणपुरी, बालविहार, नाकापैसार, खड़रिया, आवास विकास, अभयनगर, मालगोदाम रोड सहित कई कॉलोनियों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित रहा।
शहर के जीआईसी मैदान में पानी भरने से सामूहिक विवाह में आए लोगों को वाहन खड़ा करने में परेशानी हुई। पुलिस लाइन व केडी सिंह बाबू स्टेडियम में खेल गतिविधियां ठप रहीं। महिला अस्पताल और खाद्य आपूर्ति विभाग में भी जलभराव हो गया। शहर के मध्य से होकर गुजरी जमुरिया नदी में बारिश के पानी के साथ जलकुंभी बहकर आई। नगर पालिका के ईओ संजय शुक्ला ने खलरिया का निरीक्षण भी किया।
खरीफ फसल के लिए अमृत है बारिश
खरीफ फसल के लिए बारिश अमृत से कम नहीं मानी जा रही। हरख ब्लॉक के प्रगतिशील किसान राम किशोर पटेल का कहना है कि अच्छी बारिश खरीफ की फसलों के लिए बहुत जरूरी है। बारिश के पानी में ही धान की अच्छी रोपाई होती है। फसल का विकास भी बारिश के पानी में ही होता है। इसी तरह एक हफ्ते बारिश होती रहे तो धान की रोपाई व सिंचाई के लिए बाहर से पानी की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि बारिश से सब्जी की फसलों को नुकसान हुआ है। लौकी, तरोई, भिंडी, टमाटर व मिर्च की फसल के पौधे प्रभावित हुए हैं। दरियाबाद प्रतिनिधि के अनुसार धान रोपाई करने वाले किसानों के खेतों में बारिश का पानी भरने से खुश हैंं।