बाराबंकी। बिजली चोरी पर अंकुश लगाने और तारों के मकड़जाल से छुटकारा दिलाने के लिए शहर में करोड़ों रुपये से भूमिगत लाइन बिछाई गई है। एचटीपीएल कंपनी ने इस कार्य की जिम्मेदारी संभाली थी। इसके लिए भूमिगत लाइन बिछाने के साथ ही जगह-जगह केबिन कंट्रोल बाक्स लगाए गए। लेकिन पॉवर कॉर्पोरेशन के जिम्मेदारों की उदासीनता व देखरेख के अभाव में केबिन कंट्रोल बाक्स जर्जर हो गए। बारिश के मौसम में इनमें करंट उतरने या शॉर्ट सर्किट होने की आशंका लगातार बनी रहती है। इससे राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
शहर में सर्वे के बाद लखपेड़ाबाग, हजाराबाग, आजाद नगर, पटेल नगर, मकदूमपुर, अशद नगर, पंचशील कॉलोनी, महर्षि नगर, फैजुल्लागंज मोहल्ले में करीब 27 करोड़ की लागत से 14.78 किलोमीटर भूमिगत लाइन बिछाई गई और जगह-जगह केबिन कंट्रोल बाक्स लगाए गए थे। लाइन बिछाने के बाद भूमिगत लाइन से कनेक्शन देकर बिजली आपूर्ति भी शुरू कर दी गई। लेकिन पॉवर कॉर्पोरेशन की उदासीनता और देखरेख के अभाव में केबिन कंट्रोल बाक्स बदहाल पड़े हैं। कई केबिन कंट्रोल बाक्स के ढक्कन तक टूट गए हैं तो कई के तार बाहर निकले पड़े हैं। बारिश के दिनों में करंट आने की भी शिकायत उपभोक्ता कर चुके हैं।
बीते वर्ष लखपेड़ाबाग में केबिन कंट्रोल बाक्स में करंट आने से एक मवेशी की मौत भी हो चुकी है। इसके बाद भी विभाग ने खराब पड़े केबिन कंट्रोल बाक्स की मरम्मत तक नहीं कराई। अधिशासी अभियंता घनश्याम त्रिपाठी का कहना है कि इस समय कार्य चल रहा है। जहां पर केबिन कंट्रोल बाक्स खराब हो गए होंगे उनकी मरम्मत कराकर दुरुस्त कराया जाएगा।