बाराबंकी। बेसमेंट में संचालित क्लीनिक और अस्पतालों व झोलाछापों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई के निर्देश सीएमओ ने सभी 21 सीएचसी अधीक्षकों को दिए थे। अभियान चलने के बावजूद किसी भी अधीक्षक ने अब तक कार्रवाई का ब्योरा सीएमओ कार्यालय को नहीं दिया। इस पर सभी से जवाब तलब करते हुए 15 अक्तूबर तक अंतिम मौका दिया गया है।
मानकों की अनदेखी कर बेसमेंट में अस्पताल- क्लीनिक चल रहे थे। वहीं बिना पंजीकरण झोलाछाप भी इलाज कर रहे थे। इनके गलत इलाज से कबीरपुर निवासी रामप्रसाद, दरियाबाद में डेढ़ साल की मासूम और हैदरगढ़ में दो वर्षीय हसनैन समेत करीब आठ लोगों की मौत हो गई। इसके बाद सीएमओ ने कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
सीएमओ के आदेश पर अभियान तो चला, लेकिन कार्रवाई का विवरण बार-बार मांगने के बाद भी उपलब्ध नहीं कराया गया। आरोप है कि अधीक्षक झोलाछापों को नोटिस जारी कर बुलाते हैं और वहीं बातचीत कर मामले रफा-दफा कर देते हैं। मामला सीएमओ तक पहुंचने पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी से जवाब तलब किया।
वर्जन
अभियान में कितने झोलाछाप और बेसमेंट में संचालित अस्पताल संचालकों को नोटिस देकर कार्रवाई की गई, इसका पूरा ब्योरा मांगा गया है। विवरण न देने पर सभी अधीक्षकों से जवाब तलब किया गया है। 15 अक्तूबर तक ब्योरा देने के निर्देश हैं।
-डॉ. रंजन गौतम, सीएमओ