बाराबंकी। कुर्सी क्षेत्र में सात साल पहले युवती का अपहरण कर हत्या करने और शव कुएं में छिपाने के मामले में अदालत ने आरोपी नसीम को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश परशुराम ने दोषी पर 1.40 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार कुर्सी के नौहाई मजरे बहरौली गांव निवासी रामसागर की 21 वर्षीय बेटी सुभाषिनी 21 अप्रैल 2019 को लखनऊ के लोहिया अस्पताल से दवा लेने की बात कहकर घर से निकली थी। शाम तक घर नहीं लौटने पर छोटी बहन ने फोन किया तो उसने एक घंटे में आने की बात कही। इसके बाद फोन बंद हो गया और वह लापता हो गई। पिता की तहरीर पर कुर्सी थाने में गुमशुदगी दर्ज की गई।
इसी दौरान परिजनों को पता चला कि सुभाषिनी का घर के सामने रहने वाले नसीम से प्रेम प्रसंग था और उसी ने उसका अपहरण किया है। पुलिस ने नसीम को गिरफ्तार कर पूछताछ की। उसकी निशानदेही पर गांव के पास बाग में स्थित कुएं से सुभाषिनी का शव बरामद किया गया।
अभियोजन के मुताबिक नसीम के घरवालों ने उसकी शादी दूसरी जगह तय कर दी थी, जो 24 अप्रैल 2019 को होनी थी। सुभाषिनी शादी न करने का दबाव बना रही थी। इसी बात को लेकर दोनों में विवाद हुआ। नसीम ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई और गला कसकर हत्या कर शव कुएं में फेंक दिया। सुनवाई के बाद अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।