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3783 ने छोड़ी प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा

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बाराबंकी। प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) मंगलवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुई। दो पालियों में हुई परीक्षा में जहां 23960 अभ्यर्थी शामिल हुए। वहीं 3783 ने परीक्षा छोड़ दी। 32 केंद्रों पर आयोजित परीक्षा का सच जानने पर्यवेक्षक केंद्रों पर पहुंचीं।
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इस परीक्षा के आयोजन को लेकर उमड़ी अभ्यर्थियों की भीड़ को लेकर रेलवे व बस स्टेशन समेत शहर की सड़कों पर घंटों जाम लगा रहा। हालांकि पहले से तैनात पुलिस कर्मियों की मेेहनत से कम समय में ही जाम से लोगों को राहत मिली।
जिले में मंगलवार को उतर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड द्वारा पीईटी 32 केंद्रों पर आयोजित की गई। दो पालियों में होने वाली इस परीक्षा को लेकर 27743 अभ्यर्थियों का आवंटन जिले के लिए किया गया था। इसके सापेक्ष पहली पाली में 13872 अभ्यर्थियों में से 11905 ने परीक्षा दी तो 1967 अनुपस्थित रहे।
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वहीं दूसरी पाली में 13871 अभ्यर्थियों में 12055 परीक्षा में शामिल हुए तो 1816 ने परीक्षा छोड़ दी। नकल विहीन परीक्षा करने को जहां प्रत्येक केंद्र पर केंद्र व्यवस्थापक के अतिरिक्त के स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे। वहीं 13 सेक्टर मजिस्ट्रेट भी लगाए गए थे।
वहीं परीक्षा केंद्रों पर पुलिस फोर्स के अलावा आयोग द्वारा भी सिक्योरिटी व्यवस्था तैनात की गई थी। जिसने परीक्षा केंद्र पर आने वाले अभ्यर्थियों की जांच के बाद ही अंदर प्रवेश दिया। आयोग द्वारा आयोजित इस परीक्षा का सच जानने जिले में पहुंचीं नामित पर्यवेक्षक सुजाता वर्मा (आईएएस) ने फतेहपुर व देवा क्षेत्र के सात परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।
वहीं कलेक्ट्रेट में कंट्रोल रूम बनाया गया था। जहां पर पीडी भोलनाथ कनौजिया को प्रभारी और जीजीआईसी सतरिख की प्रधानाचार्या दीपमाला वर्मा को कंट्रोल रूम सहायक बनाया गया था। डीआईओएस राजेंश कुमार वर्मा ने बताया कि पीईटी दोनों पालियों में सकुशल संपन हुई है।
कैंडल की रोशनी में हुई परीक्षा, हंगामा
बाराबंकी। हमेशा की तरह पीईटी में भी शहर का राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सुर्खियों में आया। यहां पर दूसरी पाली की परीक्षा समाप्त होने के 15 मिनट पहले लाइट गुल हो गई। ऐसे में मौसम खराब होने के कारण कमरों में अंधेरा होने पर परीक्षार्थियों ने हंगामा शुरू किया। पहले तो प्रधानाचार्या ने जनरेटर का इंतजाम करने का प्रयास किया।
मगर इतनी जल्दी जनरेटर न मिलने पर किसी तरह कैंडल का इंतजाम कर परीक्षा कराई गई। हालांकि इस संबंध में डीआईओएस राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि सीलिंग पैकिंग के समय लाइट गुल हो गई थी। ऐसे में लास्ट के कमरे में सोलर लाइट का कनेक्शन न होने के कारण कैंडल का प्रयोग किया गया।
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