बाराबंकी। नवरात्र में उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति मुहैया कराने का दावा कागजी साबित हो रहा है। अघोषित बिजली कटौती के चलते शहरी व ग्रामीण इलाकों के लोग परेशानहाल हैं। बिजली न आने से उमस भरी गर्मी के साथ ही लोगों को पेयजल संकट की दोहरी परेशानी से जूझना पड़ रहा है। विशेषतौर पर पूजा पंडालों में शाम ढलते ही बिजली गुल हो जाने से श्रद्धालुओं को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लाइन फॉल्ट के कारण सुबह-शाम हो रही अघोषित बिजली कटौती से सभी परेशानहाल हैं।
रामनगर डिवीजन के कस्बा रामनगर में तीन दिनों से रात करीब सात बजे से लेकर 9:30 बजे तक कटौती हो रही है। इससे करीब 50 हजार की आबादी को परेशानी उठाना पड़ रही है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि शाम छह बजे से लेकर रात दस बजे तक लाइन फॉल्ट का हवाला देकर पूरे इलाके की बिजली सप्लाई बाधित हो जाती है। रामनगर कस्बा के राजन पांडेय ने बताया कि बिजली की आवाजाही के कारण सुबह के समय पेयजल आपूर्ति भी सुचारू न हो पाने से दोहरी परेशानी उठाना पड़ रही है। हालांकि अधिशासी अभियंता खालिद सिद्दकी का कहना है कि कोई कटौती नहीं की जा रही है। फाल्ट आने पर ही बिजली सप्लाई बाधित होती है।
शहर के लखपेड़ाबाग इलामें भी सप्लाई लाइन में आई फाल्ट के कारण सरस्वती विहार, बाल बिहार, बड़ेल, महर्षि नगर की बिजली आपूर्ति तीन घंटे से अधिक समय तक बंद रही। उधर मसौली क्षेत्र के मोहल्ला भूलीगंज में ट्रांसफार्मर में आई खराबी के कारण भी लोगों को कई घंटे तक बिजली न आने की समस्या से जूझना पड़ा।
आठ घंटे ही मिल रही बिजली
बड्डूपुर। क्षेत्र में अघोषित विद्युत कटौती ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। उपभोक्ताओं को मुश्किल से आठ घंटे ही बिजली मिल पा रही है। ग्राम बड्डूपुर, गोपालपुर, काशीपुर, टिकरा, बड़ा गांव, गोडैचा, आलमपुर, मोहब्बतपुर समेत करीब 50 गांव में इस दौरान अघोषित विद्युत कटौती की जा रही है। किसान अवधेश वर्मा ने कहा कि सिंचाई का समय आने पर बिजली न मिलने से फसलें सूखने की कगार पर हैं।
ग्रामीण इलाकों की बिजली व्यवस्था बेपटरी बनी है। शाम ढलते ही कोटवाधाम बिजली उपकेंद्र से जुड़े गांव क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो जाने से लोगों को तमाम तरह की समस्याओं से जूझना पड़ता है। लगातार शिकायत के बाद भी कोटवाधाम बिजली उपकेंद्र की बिजली व्यवस्था सुधरने का नाम नही ले रही है।