एल्गिन-चरसड़ी बांध को बचाने के लिए बनाए गए स्पर-1 व कट-वन कटने के बाद अब घाघरा ने तटबंध में कटान शुरू कर दी है। तटबंध का करीब 10 मीटर हिस्सा कगार लेकर नदी में समा गया।
मशीना से हो रही कटान को रोकने के लिए आननफानन जीओ बैग डालने का काम तेज कर दिया गया। दोपहर बाद तेजी से घट रही घाघरा का जलस्तर गिरने के बाद मशीना उठने से कटान हो रही है।
शनिवार को घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से घटने लगा। पानी घटने के साथ ही कटान तेज हो गई। घटते समय घाघरा नदी ने जमकर तांडव मचाया। मुख्य बांध को बचाने व कटान को रोकने के लिए बनाया गया कट इन वन व स्पर-1 घाघरा नदी में उठे मशीना के निशाने पर रहे। जिसमें कट वन समाप्त हो गया।
तथा स्पर वन को कटाने के बाद अब नदी रायपुर गांव के पास तटबंध में कटान शुरू कर दी है। तेजी से हो रहे कटान से बाढ़ खण्ड के अधिकारियों के हाथ पावं फूल गए हैं। धीरे-धीरे मशीना बांध की ओर बढ़ने लगा तो कटान के साथ ही मशीने को काबू में करने के लिए जीओ बैग को नदी के भीतर बांध व स्परों के किनारे डालने का कार्य तेज कर दिया गया।
दोपहर बाद नदी का जलस्तर तेजी से घटने लगा है। जिसके बाद तेजी से शुरू हुई कटान में तटबंध का लगभग दस मीटर हिस्सा नदी में समा गया है। तेजी से हो रही कटान से अब तटबंध कुछ ही समय का मेहमान दिखाई दे रहा है। तटबंध को कटने से रोकने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा किए जा रहे सारे प्रयास निर्थक साबित हो रहे हैं।
घाघरा की धारा बांध की ओर मुड़ गयी है। घाघरा को रौद्र रूप देखकर अधिकारियों ने हाथ खड़े कर दिये हैं। कटान की सूचना पर प्रशासनिक अमला भी मौके पर पहुच गया। तेजी से हो रही कटान को देखकर वहां पर काम कर रहे मजदूर भी मौके से भाग खड़े हुए।
बांध में नदी के पानी द्वारा कटान किए जाने की जानकारी मिली है। संबंधित क्षेत्र के एसडीएम को मौके पर पर भेजकर पूरी जानकारी से अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा बंधे पर मौजूद बाढ़ खंड के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वह मरम्मत का कार्य तेज कर दें बांध कटना नहीं चाहिए। -हरिकेश चौरसिया, अपर जिलाधिकारी