कोटवाधाम (बाराबंकी)। बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए आबादी के अनुसार बिजली उपकेंद्रों का निर्माण कराया गया है। ताकि उपभोक्ताओं को बिजली संकट से न जूझना पड़े। इसके बावजूद जिम्मेदारों की लचर कार्यप्रणाली उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रही है। इसके चलते ही करीब 15 दिनों से 65 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति एक ही फीडर के भरोसे चल रही है। इससे पौने दो लाख की आबादी को भीषण गर्मी में लो-वोल्टेज व ट्रिपिंग की परेशानी से जूझना पड़ रहा है।
कोटवाधाम में बने बिजली उपकेंद्र में हराहरी और सनावा दो फीडर हैं, जिसमें करीब 15 दिनों से एक फीडर फुंका पड़ा है। इसमें हराहरी फीडर करीब 15 दिन पहले फुंक गया था। इसके बाद दोनों फीडर से जुड़े करीब 65 गांव की बिजली सप्लाई एक ही फीडर सनावा से की जा रही है। इससे क्षेत्रीय लोगों को बिजली कटौती के साथ ही लो वोल्टेज की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
ऐसे में अगर कही पर भी फाल्ट होती है तो पूरे उपकेंद्र की सप्लाई बंद करना पड़ती है। शाम होते ही ओवर लोड की समस्या भी बढ़ जाती है। जबकि दो माह पहले ही उपकेंद्र की मरम्मत का कार्य कराया गया है। इसके बाद भी एक फीडर फुंक गया। क्षेत्र के कोटवाधाम, तासीपुर, अमनियापुर, आरियामऊ, रानीकटरा, रानीपुरवा, मुड़ियाडीह, माफी, सनावा, सहजनी, शेषपुर, अलपीपुरवा समेत 65 गांवों की पौने दो लाख की आबादी को बिजली आपूर्ति में हो रही परेशानी के बावजूद उपकेंद्र की फाल्ट को दुरुस्त नहीं कराया जा रहा है। एसडीओ राजवीर सिंह का कहना है कि उपकेंद्र का एक फीडर फुंका है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। फीडर को दुरुस्त कराने का कार्य जल्दी पूरा कराया जाएगा।