त्रिवेदीगंज (बाराबंकी)। गांव-गांव बिजली ही नहीं, मुफ्त कनेक्शन भी खूब दिए गए मगर इन हालात में भी सराय पांडेय ग्राम पंचायत के दो मजरों में अभी तक विद्युतीकरण नहीं हो सका है। 30 घरों के लिए बिजली किसी सपने से कम नहीं है।
हैदरगढ़ ब्लॉक की सराय पांडेय ग्राम पंचायत के सभी मजरों में वर्ष 2015-16 में प्रधानमंत्री ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत हर घर बिजली पहुंचाने का काम शुरू हुआ था। वर्ष 2019-20 में कोरोना संक्रमण कॉल में निर्माण एजेंसी आधा-अधूरा काम छोड़कर चली गई। ऐसे में गुलजार पुरवा व सराय पांडेय गांव के 30 घरों के लोग बिना बिजली के जीवन काट रहे हैं।
ग्रामीण रंजीत, अमरेंद्र, महेश, नीरज, अमरेश, रामदुलारे, शंभू, गनेश, राजेंद्र व जितेंद्र सोनी ने बताया अब केरोसीन भी नहीं मिलता है। रात में टार्च की रोशनी में काम निपटाना पड़ता है। बिजली विभाग की अधीक्षण अभियंता राजबाला का कहना है कि वह जांच कराएंगी कि आखिर दो मजरे विद्युतीकरण से कैसे वंचित रह गए।