बाराबंकी। अपर सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार ने बहन की हत्या कर शव घर में छिपाने के मामले में अभियुक्त बड़ी बहन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 13 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र फतेहपुर के ग्राम खंता सरैया निवासी धर्मा की तहरीर के अनुसार उसके पिता कल्लू इज्जतपुर में खेत की रखवाली करते हैं, वहीं रहते भी हैं। 22 सितंबर 21 को वह ग्राम टेढ़वा में नौमी लाल के साथ टीन छाने गया था। शाम को आया तो छोटी बहन गायत्री घर पर नहीं मिली।
बड़ी बहन किरन से गायत्री के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वह पिताजी को खाना देने गई है। इसके बाद पिता का खाना भिजवाने के लिए फोन आया तो धर्मा ने पिता के पास पहुंचकर गायत्री के न मिलने की बात बताई। काफी तलाश की गई परंतु उसका पता नहीं चला।
24 सितंबर की सुबह बड़ी बहन किरन को समझा-बुझाकर जब पूछा तो बताया कि उसने लोढ़े से मारकर और गला दबाकर गायत्री की हत्या कर दी और शव घर के अंदर ही छिपा दिया है। किरन की बताई जगह पर जब खोदा गया तो गायत्री का शव बरामद हुआ।
घटना की रिपोर्ट धर्मा ने कोतवाली फतेहपुर में दर्ज कराई थी। गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश ने अभियुक्त किरन को हत्या कर साक्ष्य छिपाने की धाराओं में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व 13 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।