बाराबंकी। अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राजीव महेश्वरम ने दुष्कर्मी को 14 वर्ष के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की पूरी राशि पीड़िता को दी जाएगी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना क्षेत्र बड्डूपुर के एक गांव की नाबालिग पीड़िता ने 24 मई 2019 को थाने में प्रार्थनापत्र देकर बताया था कि उसके पड़ोस में रहने वाले नसीर अहमद के घर उसका आना-जाना था। नसीर शादीशुदा था। जब उसकी पत्नी मायके चली जाती थी तो वह उसके कहने पर उसके घर जाकर खाना बना देती थी।
पिछले साल ताजिया के कुछ दिन पहले नसीर ने उसे तरह-तरह का लालच और शादी करने का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। उसके बाद नसीर लगातार उसका शारीरिक शोषण करता रहा जिसकी वजह से वह गर्भवती हो गई। जब नसीर पर शादी करने का दबाव डाला तो उसने जान से मारने की धमकी दी। गर्भ गिरवाने के लिए जबरदस्ती दवा खिला दी जिससे 20 मई 2019 की शाम उसको मरा हुआ बच्चा पैदा हुआ था।
अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में छह गवाहों को पेश किया था। न्यायालय में पीड़िता सहित अन्य गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जज ने अभियुक्त नसीर अहमद को दंडित किया।