समायोजन रद्द होने से आहत शिक्षामित्रों आक्रोश दिन ब दिन गहराता जा रहा है। सुनवाई न होने से परेशान शिक्षामित्र दोपहर बाद बड़ेल से पैदल मार्च निकाल भाजपा कार्यालय का घेराव करने पहुंच गए। किसी प्रकार की अव्यवस्था न होने पाए इसको लेकर एसडीएम सदर, सीओ सिटी, लखपेड़ाबाग चौराहे के पास हाईवे पर पूरी तरह से मुस्तैद रहे। शहर कोतवाली की अगुवाई में भाजपा कार्यालय पहुंचे
शिक्षामित्रों ने अपनी मांगों का ज्ञापन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को संबोधित भाजपा के जिला महामंत्री को सौंपा। जिला महामंत्री ने शिक्षामित्रों का ज्ञापन राष्ट्रीय अध्यक्ष तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।
अदालत शिक्षामित्रों का समायोजन अवैध करार दिए जाने के बाद जिले के करीब 31 सौ शिक्षामित्र सड़क पर आ गए हैं। आदेश आने के बाद से ही शिक्षामित्र धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। रविवार को भी शिक्षामित्र आंदोलन पर रहे।
इस दौरान बड़ेल स्थित एक लॉन में सुबह से ही शिक्षामित्रों का जमावड़ा लगने लगा। दोपहर तक पूरा लॉन शिक्षामित्रों से भर गया था। इसके बाद सभी ने बैठक कर भाजपा कार्यालय के घेराव का निर्णय लिया। धरने पर बैठे शिक्षामित्र एकदम गेट पर आ गए तो मौके पर मौजूद शहर कोतवाल भारी पुलिस बल के साथ पहुंचकर गेट पर ही रोक दिया। इस दौरान उन्होंने प्राथमिक शिक्षामित्र के जिलाध्यक्ष के अलावा अन्य पदाधिकारियों से वार्ता कर उनकी रणनीति की जानकारी ली। जिस पर बताया कि वह भाजपा कार्यालय पहुंच कर मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे। इस पर तय हुआ कि शिक्षामित्र पैदल मार्च के दौरान कहीं पर जाम नहीं लगाएंगे और भाजपा कार्यालय पर पहुंच शांतिपूर्वक ज्ञापन देंगे।
शहर कोतवाल ने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। जानकारी मिलते ही एसडीएम सदर सुशील प्रताप सिंह, सीओ सिटी श्वेता श्रीवास्तव के साथ भारी पुलिस बल लेकर लखपेड़ाबाग चौराहे के निकट हाइवे पर पहुंच गए। हाईवे पर पहुंच शिक्षामित्रों ने हाईवे जाम करने का प्रयास किया लेकिन नाकाम रहे।
भाजपा कार्यालय का घेराव करने पहुंचे शिक्षामित्रों ने अपनी मांगों का ज्ञापन भाजपा के जिला महामंत्री हर्षित वर्मा को सौंपा। जिस पर जिला महामंत्री ने शिक्षामित्रों का ज्ञापन राष्ट्रीय अध्यक्ष तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है। इस मौके पर प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष विनोद वर्मा, अनिल शर्मा, रोहित त्रिपाठी, राजवीर सिंह पटेल, धर्मेंद्र यादव, संजय शुक्ला, बजरंग, हरि प्रकाश, गिरजेश त्रिपाठी, रुपेंद्र प्रताप सिंह, धीरज कुमार, सुरेंद्र नाथ मिश्र आदि मौजूद रहे।
समायोजन रद्द होने के बाद से दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ द्वारा गन्ना कार्यालय परिसर में दिया जा रहा धरना चौथे दिन भी जारी रहा। धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष रामधन यादव ने कहा कि विभिन्न शिक्षक संगठनों ने विषम परिस्थितियों में पूरा साथ देने का वादा किया है। सरकार से हमारी अपील है कि वह संविधान में नया कानून बनाकर हम लोगों को पुन: शिक्षक पद पर बहाल करें। इस मौके पर प्रदीप कुमार वर्मा, विकास कुमार यादव, पवन कुमार, यदुवीर सिंह, राधा वर्मा आदि मौजूद रहे।