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शिक्षा के साथ संस्कार बहुत जरूरी: राज्यपाल

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बाराबंकी। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार बहुत जरूरी है। माता-पिता की जिम्मेदारी है कि वह अपने बच्चों की सेहत के प्रति गंभीर हों। बच्चों को खाना खिलाकर ही स्कूल भेजें। मेरी मां बाजरा की रोटी बना देती थी और सुबह लाडू बनाकर खिलाने के बाद ही स्कूल भेजती थी।
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आज बच्चों को पौष्टिक के जगह तला-भुना आहार नाश्ते में दिया जा रहा है। यदि बच्चों को पौष्टिक आहार नहीं मिलेगा तो वह कुपोषित हो जाएंगे फिर वह आगे कैसे बढ़ेंगे। पढ़ी-लिखी महिलाओं के पास समय का अभाव है इसलिए माता-पिता को बच्चों की सेहत के प्रति विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
राज्यपाल ने यह बातें सोमवार को हिंद अस्पताल के ऑडीटोरियम में एक्यूइटी नॉलेज पार्टनर्स और मुस्कान ड्रीम्स संस्था द्वारा आयोजित डिजिटल शाला कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि आज ही कई महिलाओं से मुलाकात हुई। जिसमें उन्होंने बताया कि उन्हें घर से निकाल दिया गया है।
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इससे साफ हो गया कि हमें अभी शिक्षा के साथ-साथ अपने बच्चों को संस्कार देकर उनमें एक ऐसी सोच पैदा करने की जरूरत है जो समाज में बदलाव ला सकें। राज्यपाल ने कहा कि आज से डेढ़ सौ साल पहले स्कूल थे, अस्पताल थे परंतु वृद्ध आश्रम कहीं नहीं थे। मगर आज वृद्ध आश्रम भी देखने को मिल रहे हैं। शिक्षा बदली पर विचार नहीं बदले। आज सब जात पांत में बंट रहे हैं जो समाज के लिए ठीक नहीं है।
राज्यपाल ने कहा कि समाज में जो भेदभाव पैदा हो रहे हैं ये सब शिक्षा की ही देन है। डिजिटल शिक्षा के साथ ही बच्चों को सभी प्रकार के संस्कार देने चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि मुस्कान संस्था का डिजिटल शाला का यह प्रयास सराहनीय है परंतु इसके लिए शिक्षकों के साथ ही बच्चों को प्रशिक्षित करना बहुत जरूरी है।
जब बच्चों प्रशिक्षित होंगे तो उनमें सीखने की ललक बढे़गी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षा नीति में बदलाव कर नई शिक्षा नीति जारी की है जो एक सराहनीय कदम है। पांचवीं तक के छात्रों को मातृ भाषा में शिक्षा दी जाए। इससे उनकी नींव मजबूत होगी। उनकी आगे की पढ़ाई का आधार भी मजबूत होगा।
कार्यक्रम को राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा, सांसद लल्लू सिंह ने भी संबोधित किया। इस मौके पर विधायक रामचंद्र यादव, डीएम आदर्श सिंह, एसपी अनुराग वत्स, सीएमओ डॉ. रामजी वर्मा, अभिषेक दुबे, अवधेश दीक्षित आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन आशीष पाठक ने किया।
वृद्ध आश्रम और बंदियों के लिए दिया दान
राज्यपाल ने भुहेरा में संचालित वृद्ध आश्रम के लिए एक लाख 36 हजार के उपकरण दान दिए और कारागार के बंदियों के लिए प्रोजेक्टर प्रभारी जेल अधीक्षक आलोक शुक्ला को दिया। इस दौरान सीडीओ एकता सिंह ने ओडीओपी के तहत राज्यपाल को स्टोल भेंट किया, तो हिंद अस्पताल की चेयरपर्सन डॉ. ऋचा मिश्रा ने राज्यपाल को प्रतीक चिन्ह और गीता देकर सम्मानित किया।
तहसील सदर के 75 स्कूलों में पहले से चल रही स्मार्ट क्लास
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एसडीएम सदर सुमित यादव ने राज्यपाल को बताया कि डीएम की प्रेरणा से उद्भव योजना के तहत जिले के 75 स्कूलों में पहले से ही स्मार्ट कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। इस दौरान एसडीएम द्वारा राज्यपाल को भेंट की गई पुस्तिका का विमोचन किया।
उद्भव योजना ने विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा के द्वार खोल दिए हैं और उद्भव के रूप में विद्यालयों में स्मार्ट क्लासें चल रही हैं। इस दौरान तासपुर की शिक्षिका प्रियंका और मनेरा की लक्ष्मी को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। वहीं प्रेरणा कैंटीन का संचालन करने वाली आशा सिंह, सुधा सिंह और नमिता अग्रवाल को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
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