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भूख से मरे श्रीकांत को कभी नहीं िमला अनाज

Mon, 06 Jun 2016 11:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
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बाराबंकी के असंदा थाना क्षेत्र के पकरिहा गांव निवासी श्रीकान्त की मौत के बाद गमगीन परिवारीजन। - फोटो : अमर उजाला
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पकरिया गांव के श्रीकांत मौत के बाद भी अपनी दो गज जमीन मयस्सर नहीं हो सकी है। मुफलिसी में भूख से मरे भूमिहीन के अंतिम संस्कार के लिए ग्रामीणों ने दूसरे के बाग का सहारा लिया। ग्राम विकास अधिकारी ने परिवार के पास जॉब कार्ड व अंत्योदय कार्ड होने का दावा किया लेकिन ग्रामीणों के अनुसार मृत श्रीकांत व उसकी मां कभी कोई लाभ नहीं मिला।
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ग्रामीणों ने कहा कि कभी भी कोटा की दुकान से श्रीकांत को राशन लेते नहीं देखा गया। मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण स्पष्ट न होने से विसरा प्रिजर्व किया गया है। सूत्रों के मुताबिक मृतक के पेट में करीब 50 ग्राम तरल पदार्थ मिला है।

पकरिया गांव में अपनी बुजुर्ग मां कल्यानी देवी के साथ रह रहे श्रीकांत पुत्र स्व. विश्वंभर की मौत ने सरकार द्वारा गरीबों के लाभ के संचालित योजनाओं की पोल खोल दी है। भूमिहीन श्रीकांत का अंतिम संस्कार गांव के रामफे र, भगौती व शत्रोहन के बाग में कराने के बाद भी मौके पर मौजूद ग्राम विकास अधिकारी अखिलेश दुबे मृतक (श्रीकांत) की मां कल्यानी के नाम से अंत्योदय कार्ड होने तथा श्रीकांत के नाम जॉब कार्ड बनाए जाने का दावा करने लगे।
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ग्रामीणों के पूछने पर उन्होंने जॉब कार्ड होने के बाद भी एक दिन भी कार्य नहीं दिए जाने की बात को स्वीकार किया है। अंत्योदय कार्ड भी मृतक के घर में नहीं पाया गया तथा ग्रामीणों ने बताया उसको कभी कोटे की दुकान से लाभ लेते नहीं देखा गया है।

मौत के बाद समीप के गांव बेलांव के कोटेदार शैफुल्लाह ने एक बोरी गेहूं व एक बोरी चावल उसके घर पहुंचा दिया है। थानाध्यक्ष अरुण कुमार द्विवेदी ने कहा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट होने पर अधिकारियों को अवगत कराने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने फिर किया इनकार
जिला प्रशासन की तरफ से जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि कल्यानी देवी के दो पुत्र श्रीकांत व गुड्डू हैं और यह साथ रहते थे। इनके बड़े पुत्र श्रीकांत की मौत रविवार को हुई थी। इनका कहना है कि कल्यानी देवी दृष्टिहीन है और उनको पेंशन भी मिलती है। कल्यानी देवी द्वारा मई माह में पात्र गृहस्थी का खाद्यान्न लेने की भी बात कही गई है। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण पता न लगने पर विसरा प्रिजर्व करने की बात कही गई है। जिला प्रशासन की माने तो श्रीकांत की मौत भूख से नहीं बल्कि किसी और कारण से हुई है।
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