विभागीय देखरेख के अभाव के चलते चार दिन के अंदर इब्राहिमपुर माइनर रविवार रात चौथी बार कट गई। इससे करीब 150 बीघा मेंथा की फसल चौपट हो गई है। ज्यादातर खेत सिल्ट से पट गए हैं या फिर फसल पूरी डूब गई है जिससे दो तीन दिन में सारी फसल गल जाएगी।
दर्जनों किसानों को करीब 20 लाख रुपये की चपत लगी है। सिंचाई विभाग की लापरवाही इतनी कि चार दिन में एक बार भी कोई कर्मचारी या अधिकारी मौके पर झांकने तक नहीं आया। सोमवार को किसानों की शिकायत पर एसडीएम ने जांच के आदेश दिए हैं।
विकास खंड फतेहपुर के इब्राहिमपुर असोहना के बीच इब्राहिमपुर के पास करीब पांच फीट कटान होने से दर्जनों गांवों के किसानों की करीब 150 बीघा मेंथा की फसल जलमग्न हो गयी। शारदा सहायक डबल नहर से निकली यह माइनर विभाग की लापरवाही व मनमानी दोनों की पोल खोल रही है।
इस माइनर के कटने से करीब एक किलोमीटर के दायरे की सारी फसल डूब गई। इसकी सूचना ग्रामीणों ने दी लेकिन कोई विभागीय कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। किसानों में दिनेश कुमार, चित्रसेन, ओमप्रकाश, करन सिंह, आशीष कुमार, रामनरेश, शमशेर, अंबर, मंगल, भुल्लन, दुर्गा प्रसाद, मो. शब्बीर, बब्लू व राकेश समेत कई किसानों की खेतों में तैयार मेंथा की करीब 150 बीघा फसल जलमग्न होने से बर्बाद हो गई।
किसानों का कहना है कि मेंथा में सबसे ज्यादा लागत आती है जब रकम छुड़ाने का नंबर आया तो विभागीय लापरवाही के कारण सारी मेहनत पर पानी फिर गया। यह माइनर बीते चार दिन में चौथी बार कटी है।
बीती रात असोहना के पास, 5 जून को इब्राहिमपुर के पास, 4 जून को रैचनमऊ के पास व 3 जून को शंसीपुर के पास कटने के सैकड़ों बीघा मेंथा की बर्बाद हो चुकी है। हर बार किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से शिकायत कर माइनर की पटरियां दुुरुस्त कराने की मांग की लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।