बाराबंकी। एआरटीओ दफ्तर में पंजीकृत व्यवसायिक वाहनों का बकाया जमा करने के लिए विभागीय स्तर पर शुरू हुई एक मुश्त समाधान योजना भी डिफाल्टर वाहन स्वामियों को रास नहीं आ रही। जमा ब्याज राशि पर छूट की पेशकश के बाद भी वाहन स्वामी बकाया जमा करने में उदासीन बने हैं। इसके चलते ही 4418 वाहनों पर रोड टैक्स व ब्याज की राशि को मिलाकर करीब 11.50 करोड़ की बकायेदारी वसूलना विभाग के लिए चुनौती बना है।
विभाग की तरफ से अब छह फरवरी तक बकाया न चुकाने वाले वाहन स्वामियों के खिलाफ आरसी जारी करने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की चेतावनी दी गई है। इसके बाद तहसील स्तर पर बकाया वसूली के लिए संग्रह अमीनों को लगाया जाएगा। सूची जारी होने के बाद तय समयावधि में जो वाहन स्वामी बकाया राशि नहीं चुकाएंगा, उसके वाहनों को जब्त कर नीलामी कराई जाएगी।
व्यवसायिक वाहनों का रोड टैक्स समय से नहीं जमा हो रहा है। टैक्स राशि के बकायेदार वाहन स्वामियों को राहत देने के लिए विभाग ने छह नवंबर से एक मुश्त समाधान योजना (ओटीएस) शुरू की गई थी लेकिन अभी तक केवल 160 वाहन स्वामियों ने ही इसका फायदा उठाते हुए 42 लाख रुपये की बकाया टैक्स व ब्याज की राशि विभाग के खाते में जमा की है। टैक्स न चुकाने वाले बकायेदार वाहन स्वामियों की सूची अब फरवरी में तैयार होगी। जिसमें पांच साल से ज्यादा समय से रोड टैक्स न जमा करने वाले सभी वाहन स्वामियों के खिलाफ आरसी जारी करने की कार्रवाई होगी।
एआरटीओ प्रशासन अंकिता शुक्ला ने बताया कि पांच साल से रोड टैक्स न जमा करने पर टैक्स व ब्याज मिलाकर करीब साढ़े 11 करोड़ की राशि 4418 वाहन स्वामियों पर बकाया है। ऐसे वाहन स्वामी फरवरी तक ओटीएस का लाभ उठा सकते हैं। इसके बाद डिफाल्टरों के खिलाफ आरसी जारी कर मार्च में उनके वाहनों की नीलामी प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।