बाराबंकी। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की मासिक समीक्षा की। विभिन्न योजनाओं की प्रगति और रैंकिंग का मूल्यांकन किया। यह समीक्षा मार्च में जारी रैंकिंग के आधार पर की गई थी, लेकिन पंचायतीराज विभाग की खराब प्रगति से नाराज जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया है।
कलेक्ट्रेट स्थित लोक सभागार में मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले 37 बिंदुओं पर विभागवार स्थिति की समीक्षा हुई। डीएम ने कम रैंकिंग वाले विभागों के विभागाध्यक्षों को सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने व्यक्तिगत रुचि लेकर योजनाओं की प्रगति में सुधार लाने पर जोर दिया। डीएम ने सी, डी और ई श्रेणी में शामिल विभागों के खराब प्रदर्शन पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य न होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।
समीक्षा के दौरान पंचायती राज विभाग की रैंकिंग में गिरावट पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी का वेतन बाधित करने के निर्देश दिए। यह कदम योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही को रोकने के लिए उठाया गया है। इसके साथ ही, कम प्रगति वाले अन्य विभागों के अधिकारियों से जवाब तलब किया गया है।