बाराबंकी। संगीन मामलों में पकड़े गए लोगों की जमानत की प्रक्रिया में बाराबंकी पुलिस ने एक और बड़ा कदम उठाया है। अब रोजाना होने वाली जमानतों की समीक्षा की जाएगी और पांच प्रमुख बिंदुओं पर गहन जांच के बाद ही जमानत पर अंतिम मुहर लगेगी। इससे पहले पुलिस पुराने जमानत रिकॉर्ड खंगालकर उनका सत्यापन भी करा रही है।
पुलिस के खुफिया तंत्र को मिले इनपुट के अनुसार जिले में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमानत कराने और एक ही संपत्ति पर कई लोगों की जमानत लेने का खेल चल रहा है। इस मामले में पिछले वर्ष देवा और शहर कोतवाली क्षेत्रों में 34 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी है, जबकि देवा क्षेत्र में तीन आरोपियों को जेल भी भेजा गया था।
इसी कड़ी में एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने पहले जमानतदारों का सत्यापन अभियान शुरू कराया था, जिसे अब और सख्त रूप दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब जमानत प्रक्रिया की जांच पांच अहम बिंदुओं पर की जाएगी। इसमें आरोपी और जमानतदार के बीच संबंध क्या है। जमानतदार अब तक कितनी बार जमानत दे चुका है। जिस संपत्ति के आधार पर जमानत ली जा रही है, उस पर पहले कहीं और जमानत तो नहीं ली गई। ली गई तो उसका ब्योरा देना होगा। अपराध का प्रकार क्या है व प्रस्तुत दस्तावेजों की सत्यता क्या है।
इसके लिए एसपी ने एक विशेष सेल का गठन किया है, जिसमें सभी थानों और अदालतों के पैरवीकार शामिल रहेंगे। यह सेल व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से रोजाना जमानत का पूरा विवरण साझा करेगा और उसकी निगरानी करेगा।
लापरवाही पर नपेंगे पुलिसकर्मी
एसपी अर्पित विजयवर्गीय गंभीर अपराधों जैसे गोहत्या, हत्या, दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म, चोरी, डकैती और हत्या के प्रयास के मामलों में जमानतदारों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। सत्यापन के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।