बाराबंकी। किसानों की भीड़ दिन ब दिन धान खरीद केंद्रों पर बढ़ती जा रही है परंतु धान की तौल नहीं हो पा रही है जबकि किसान धान की तौल कराने के लिए क्रय केंद्रों पर धक्के खा रहा है और कोई सुनवाई नहीं हो रही है। केंद्र प्रभारियों का आरोप है कि एफसीआई सरकारी चावल लेने में पूरी तरह से मनमानी कर रही है जिसकी वजह से राइस मिल मालिक धान की उठान नहीं कर रहे हैं और खरीदा गया धान क्रय केंद्रों पर डंप होता जा रहा है। जगह की कमी की वजह से धान की खरीद उस गति से नहीं हो पा रही है जिस गति से होनी चाहिए।
जिले में अब तक 63 धान खरीद केंद्रों के जरिए 11 हजार 446 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। इसमें से महज 4200 एमटी धान की उठान राइस मिलों ने की है। 7100 एमटी धान अभी भी क्रय केंद्रों पर डंप पड़ा हुआ है जिसकी उठान नहीं हो पा रही है। राइस मिल मालिक एफसीआई द्वारा सरकारी चावल लेने में मनमानी का आरोप लगा क्रय केंद्रों से धान की उठान नहीं कर रहे हैं।
इसी बात का हवाला देकर क्रय केंद्र प्रभारी भी धान की तौल करने से कतरा रहे हैं और कहते हैं कि धान की उठान न होने से जगह का अभाव होता जा रहा है। इसकी वजह से धान की खरीद की रफ्तार धीमी है। जबकि किसानों का आरोप है कि केंद्र प्रभारी धान की तौल में पूरी तरह से मनमानी कर रहे हैं और जगह की कमी बताकर किसानों का धान नहीं तौल रहे हैं। जिससे किसानों को अपने धान की तौल कराने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन किसी प्रकार की कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
एफसीआई द्वारा चावल की लाट फेल किए जाने के बाद से राइस मिल मालिक धान उठान और भेजे गए धान की अनलोडिंग नहीं कर रहे हैं। मिल मालिकों से बराबर संपर्क कर धान की उठान कराए जाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है जिससे क्रय केंद्रों पर धान लेकर आने वाले किसानों को असुविधा न हो और उनका धान आसानी से तौला जा सके।
-रमेश कुमार, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
स्थान की कमी बता क्रय केंद्रों से लौटाए जा रहे किसान
हैदरगढ़। शासन के तमाम प्रयास के बाद भी धान की खरीद गति नहीं पकड़ रही है। अटैच राइस मिलें केंद्र से धान उठा नहीं रही हैं जिससे जगह की कमी दिखाकर किसानों को वापस किया जा रहा है। मंगलवार को त्रिवेदीगंज विपणन केंद्र मंगलपुर पर दो तौल कांटा लगाए गए है। दिन में तीन बजे जसकापुर के राम नारायण का धान तौला जा रहा था।
बताया कि आज दिन की यह पहली तौल है जिसमें 40 क्विंटल धान की खरीद हुई है। दूसरे कांटे पर धान की तौल नहीं की गई। हुसेनाबाद स्थित हैदरगढ़ विपणन केंद्र पर भी खरीद की रफ्तार सुस्त है। नवीन उपमंडी स्थित चार खरीद केंद्रों पर जगह की कमी के कारण धान लेकर पहुंचे किसानों को लौटाया जा रहा है। केंद्र प्रभारी रामप्रकाश ने बताया कि राइस मिलों द्वारा धान की उठान नहीं होने से जगह की कमी खरीद में बाधा बन रही है।
चार कांटे में से सिर्फ एक कांटे पर हो रही खरीद
कोटवाधाम। दरियाबाद ब्लॉक में धान खरीद के तीन खरीद केंद्र हैं। दो केंद्र मथुरानगर में हैं। यहां पर चार कांटे हैं लेकिन खरीद सिर्फ एक कांटे पर हो रही है। तीन कांटे कहां पर हैं, इसकी जानकारी किसानों को नहीं है। मथुरानगर के दोनों विपणन केंद्र पर टोकन के माध्यम से खरीद नहीं हो पा रही है। उठान की समस्या ने खरीद की गति को ब्रेक लगा दिया है। इसके अलावा पीसीएफ मिरदही में धान उठान की दिक्कत है तो बड़नपुर पर में कई दिनों से खरीद बंद है।