देवा (बाराबंकी)। देवा महोत्सव के ऑडिटोरियम में शुक्रवार को देर शाम निजामी बंधु की कव्वाली का कार्यक्रम हुआ। इसमें निजामी बंधुओं ने एक से बढ़कर एक कव्वाली प्रस्तुत कर समा बांध दिया। इससे पूरा पंडाल वाह-वाह और तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।
मेले के ऑडिटोरियम में निजामी बंधुओं ने कार्यक्रम की शुरुआत छाप तिलक सब छीनी मोसे नैना मिलाइके... से की। इसके बाद मन लागो मेरो यार फकीरी में... गाकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद उन्होंने मेरे रश्के कमर तेरी तिरछी नजर.... गाकर माहौल बना दिया। फरमाइश पर उन्होंने दमादम मस्त कलंदर, अली का पहला नंबर.... गाकर पंडाल में मौजूद दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इसके बाद उन्होंने बेखुद किए जाते हैं... और आज रंग है रे, आज रंग है रे... गाकर लोगों को खूब आनंदित किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान पंडाल तालियों से गूंजता रहा। निजामी बंधुओं ने एक के बाद एक प्रस्तुति देकर समा बांध दिया। इस मौके पर नायब तहसीलदार देवानंद श्रीवास्तव, आशीष पाठक आदि मौजूद रहे।
केसरिया बालम आओ पधारो मारे देश
देवा। महोत्सव के ऑडिटोरियम में पंख एक पहल फाउंडेशन की निधि श्रीवास्तव व उनके साथियों द्वारा लोक नृत्य प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में गणेश वंदना हे गजबदन वक्रतुंड महाकाय... परलोक ने प्रस्तुत किया।
उसके बाद उन्होंने केसरिया बालम आओ पधारो मारे देश, रंग दे सारी सैया लड़काइया, पट्टे चौक दी व गुजराती लोकगीत रम्पी आवे... प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। निधि की टीम में रामा मिश्रा, अनामिका यादव, प्रियांशु वर्मा, नेहा कुमारी, अभय सिंह, आकाश सैनी आदि शामिल थे। संवाद