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गांवों में विकास कार्यों हासिए पर

Thu, 30 Jul 2015 10:11 PM IST
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
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जिले में पहले ग्राम पंचायतों की संख्या 1002 थी, लेकिन नए परिसीमन के आधार पर जिले में ग्राम पंचायतों की संख्या बढ़कर 1169 हो गई है। इस बार जिले में 167 ग्राम पंचायतें बढ़ गई हैं। अधिकांश गांवों में विकास कार्य पूरी तरह से ठप हो गए हैं। देखा जाए तो बाढ़ प्रभावित रामनगर, फतेहपुर, रामसनेहीघाट और सिरौलीगौसपुर की 125 ग्राम पंचायतों में विकास कार्य पूरी तरह से ठप पड़े हैं। इसके अलावा हाल ही में नगर पंचायत में शामिल की गई शहर की आठ ग्राम पंचायतों में भी विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। पंचायत चुनाव के नजदीक आते ही मौजूदा प्रधान और प्रधान पद के दावेदार मतदाताओं को अपने पाले में लाने के लिए दिन रात एक करना शुुरू कर दिए हैं। दावेदार किसी भी प्रकार की कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ना चाह रहे हैं। इस बार प्रधानी हासिल करने के लिए एडी चोटी अभी से ही एक किए हुए हैं।

परियोजना निदेशक अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि जिले की कितनी ग्राम पंचायतों में विकास कार्य नहीं कराए जा रहे हैं ये बता पाना काफी मुश्किल है। इतना जरूर है कि बाढ़ प्रभावित कई ग्राम पंचायतों के अलावा शहरी सीमा में शामिल की गई पंचायतों में विकास कार्य नहीं होने की जानकारी मिली है। इन पंचायतों में ग्राम विकास अधिकारियों के माध्यम से विकास कार्य कराने के निर्देश सभी खंड विकास अधिकारियों को दिए गए हैं।
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चार माह से कार्य ठप
सिद्घौर प्रतिनिधि के अनुसार ग्राम पंचायत सालाभारी मजरे जमलापुर निवासी अंबर का कहना है कि पिछले पांच माह से विकास कार्य पूरी तरह से ठप हैं। न्यामतपुर के विनोद कहते हैं चार माह पूर्व नाली का निर्माण कराया गया था। इसके बाद से गांव में कोई कार्य नहीं हुआ है। इसी प्रकार ग्राम पंचायत सरायं बेलहरी में पिछले सात माह से कोई कार्य नहीं हुुआ है।

दिखावे को हो रहे कार्य
हरख प्रतिनिधि के अनुसार ग्राम पंचायत भगवानपुर निवासी अनिल वर्मा का कहना है पंचायत में पिछले कई माह से विकास कार्य पूरी तरह से ठप हैं। प्रधानी का चुनाव नजदीक आता देख अब गांव की साफ सफाई कराई जा रही है। चंदौली निवासी सतीश यादव का कहना है अभी तक कुछ नहीं किया गया अब जब चुनाव नजदीक आ गया है तो नाली निर्माण का कार्य किया जा रहा है। इसी प्रकार हरख ग्राम पंचायत में तालाब की खोदाई का कार्य कराया जा रहा है।

आरक्षण के इंतजार मे काम रुका
हैदरगढ़ प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र की कई ऐसी ग्राम पंचायतें है जिनमें विकास कार्य पूरी तरह से ठप हैं। ग्राम पंचायत अंसारी, कादीपुर, त्रिवेदीगंज, मेनहुआ पलौली, नरौली, बीजापुर, पेचरूआ आदि ऐसी ग्राम पंचायतें हैं जिनमें विकास कार्य पिछले कई महीनों से ठप पड़े हैं। यहां के प्रधान आरक्षण का इंतजार कर रहे हैं।

अभी से बंटने लगी शराब
त्रिवेदीगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत खमनखेड़ा में करीब एक सप्ताह पूर्व प्रधान समर्थक मतदाताओं के दारू बांट रहे थे। जब इस बात की जानकारी एसओ लोनी कटरा अरुण कुमार द्विवेदी को हुई तो वह सिपाहियों समेत  मौके पर पहुंचे तो शिकायत सही पाई। पुलिस को देख समर्थक भाग खड़े हुए। एसओ ने बताया कि मौके पर जितनी शराब मिली थी उसे नष्ट करा प्रधान समर्थकों को चेतावनी दी गई है।
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चुनाव आते ही याद आए मतदाता
मनोरधरपुर ग्राम पंचायत निवासी रामशरण गांव में कराए गए विकास कार्यों से संतुष्ट नहीं है। वह कहते हैं कि जो कार्य कराए गए हैं वह चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए ही किए गए हैं। इससे आम जनता को कोई लाभ पहुंचने वाला नही है। जगतखेड़ा निवासी अशोक वर्मा कहते हैं कि गांव में मनमर्जी के मुताबिक कार्य कराए गए। ऐसा कोई कार्य नहीं कराया गया है जिसका लाभ आम जनता को मिले। इसी प्रकार कांधीपुर निवासी राकेश बाजपेयी का कहना है कि पिछले कई माह से गांव में विकास कार्य ठप हैं। जो कार्य कराए भी गए हैं उनका कोई मतलब नहीं है। यहीं के मनीष कहते हैं कि अब जब फिर से प्रधानी का चुनाव नजदीक आया है तो मतदाता याद आने लगे हैं अभी तक मतदाताओं की कोई पूछ नहीं थी जो भी निर्णय लिए जाते थे उसमें चहेतों का ख्याल ज्यादा रखा जाता था।
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