बाराबंकी। शहर के 10 मोहल्लों की 25 हजार आबादी को जलभराव से छुटकारा मिल जाएगा। इस बारिश में उन्हें दिक्कतों से दूर करने के लिए तीन करोड़ 55 लाख रुपये की लागत से मोहारीपुरवा नाला का निर्माण कराया जा रहा है। काफी मशक्कत के बाद स्वीकृत हुए इस नाला निर्माण की शुरुआत शनिवार को सांसद उपेंद्र रावत और डीएम डॉ. आदर्श सिंह द्वारा शिलान्यास के बाद कर दी गई।
शिलान्यास समारोह में सांसद ने कहा कि कोरोना काल में ऑनलाइन मीटिंग में मुख्यमंत्री से लंबित नाला निर्माण की फाइल की शिकायत दर्ज कराई थी। अगले दिन ही इसकी स्वीकृति मिल गई थी। शनिवार से शुरू हुआ यह नाला निर्माण शहर की हजारों आबादी को जलभराव से मुक्ति दिलाएगा। डीएम डॉ. आदर्श सिंह ने कहा कि जिले के कार्यभार संभालने के बाद जनसुनवाई में पहली शिकायत यही मिली थी जिसे आज शुरूआत कराकर लग रहा है कि जनता की सबसे बड़ी समस्या का काम हुआ है। बरसात से पहले नाला निर्माण पूरा कराने का प्रयास होगा।
मोहल्ला मोहारीपुरवा में 1055 मीटर का यह नाला तीन करोड़ 55 लाख रुपये की लागत से पीडब्लूडी द्वारा बनाया जाएगा। शिलान्यास के बाद पूजा-अर्चना के साथ नाला निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इसके बन जाने से शहर के मोहल्ला मोहारीपुरवा, दशहराबाग, पटेल नगर, अयोध्या नगर, कृष्णा नगर, खलरिया, विजय नगर, नारायण पुरम, दीनदयाल नगर, हजाराबाग के निवासियों को फायदा मिलेगा।
नाला बनने से इन मोहल्लों की करीब 25 हजार आबादी जो प्रतिवर्ष बारिश के मौसम में जलभराव के संकट से जूझती थी उसे अब इससे छुटकारा मिल सकेगा। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष अवधेश श्रीवास्तव, सीडीओ मेधा रूपम, एसडीएम अभय पांडेय, नगर पालिका अध्यक्ष शशि श्रीवास्तव, पूर्व चेयरमैन रंजीत बहादुर श्रीवास्तव, नवीन राठौर, नगर पालिका व पीडब्लूडी के अधिकारी, कर्मचारी व सभासद मौजूद रहे।
पंप हाउस व राइजिंग मेन का होगा निर्माण
सर्वे में यह बात सामने आई कि शहर में अन्य मार्गों से ऊंचाई कम है। जिसके कारण यहां पर जलनिकासी की समस्या है। इसके लिए आरसीसी ड्रेन का निर्माण कराया जाएगा। पानी को हैदरगढ़ नाला में पहुंचाया जाएगा और यहां से नाले का पानी जमुरिया नाला में गिरेगा। पंप हाउस में सैंपवेल व राइजिंग मेन से पानी को लिफ्ट करने के लिए 35 हार्सपावर की तीन मोटर लगाई जाएंगी। दो मोटर चलाकर पानी लिफ्ट कराया जाएगा। एक मोटर अतिरिक्त रहेगी ताकि चल रही किसी मोटर में तकनीकी खराबी आने पर कार्य में व्यवधान न आए।