कौमी एकता, शांति व सद्भाव के प्रतीक हाजी वारिस अली शाह की धरती पर लगने वाले मेले का सोमवार को परंपरागत तरीके से शुभारंभ हो गया। उद्घाटन डीएम की पत्नी ने शेख मोहम्मद हसन गेट पर पीएसी बैंड की मधुर धुनों के बीच फीता काट कर किया। इसके बाद उन्होंने सफेद कबूतरों को खुले आकाश में छोड़कर शांति के संदेश के साथ गंगा जमुनी सांस्कृति के इस महा उत्सव की शुरुआत की।
इसके साथ ही रंगीन रोशनी से जगमगाती मजार, सजी दुकानें व जायरीनों की आमद से मेला परिसर गुलजार हो गया। जो रब है वही राम का संदेश दूर-दूर तक पहुंचाने वाले हाजी वारिस अली शाह की धरती पर सोमवार को गंगा-जमुनी तहजीब के प्रतीक देवा महोत्सव का धूमधाम से आगाज हुआ। 17 से 26 अक्टूबर तक चलने वाले एतिहासिक देवा महोत्सव का शुभारंभ शाम 5 बजकर 35 मिनट पर डीएम की पत्नी डॉ. अनुभा यादव ने फीता काट कर किया।
इससे पूर्व उन्होंने हाजी वारिस अली शाह की मजार पर माथा टेक कर सभी के लिए सुख और शांति की दुआ मांगी। समारोह स्थल पर गेरुए रंग में रंगी धरती और लकदक करते शेख मोहम्मद हसन व एजाज रसूल द्वार पर पीएसी बैंड की सुमधुर धुन सारे जहां से अच्छा हिंदोस्ता हमारा... के बीच पूरा अमला निर्धारित मार्गोें से होता हुआ मेला समिति कार्यालय पहुंचा।
इसके बाद ऑडिटोरियम पहुंचीं डीएम की पत्नी ने दीप प्रज्ज्वलित कर महोत्सव के शुभारंभ की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि मेला बुलंदियाें को छुए और हम सब इसके सहभागी बनें। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक राजू बाबू सिंह, एमएलसी राजेश यादव, अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार सिंह, एएसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह आदि मौजूद रहे।
जनप्रतिनिधियों की गैरहाजिरी बनी चर्चा
बाराबंकी जिले के सबसे बड़े सामाजिक और धार्मिक आयोजन का प्रतीक देवा महोत्सव में जनप्रतिनिधियों की गैरहाजिरी चर्चा का विषय रही। कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप, फरीद किदवई, राजीव कुमार सिंह समेत कोई भी विधायक देवा महोत्सव के शुभारंभ समारोह में नहीं पहुंचा। जनता के प्रतिनिधि के रूप में केवल एमएलसी राजेश यादव महोत्सव में मौजूद थे।