धनाभाव के चलते लोहिया आवासों का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है। लाभार्थी आवास की दूसरी किस्त नहीं मिलने की बात कह रहे हैं। जबकि विभाग का दावा है कि आवास बनवाने के लिए शासन से जितना पैसा मिला था वह पूरा का पूरा लाभार्थियों के खातों में भेज दिया गया है।
मकान बनकर तैयार है लेकिन छत नहीं पड़ पा रही है। जिसके चलते लाभार्थी मकान तिरपाल और छप्पर डालकर परिवार के साथ जीवन गुजार रहे हैं। टेरा दौलतपुर निवासी मतीन कहते हैं कि लोहिया आवास तो मिला है उसकी पहली किस्त भी मिल गई थी लेकिन दूसरी किस्त न मिलने की वजह से छत नहीं पड़ पा रही है। यही कहना है भयारा की फातिमा का और मनपुरवा के बब्लू का।
इनके भवन का ढांचा बनकर खड़ा हो गया है लेकिन दूसरी किस्त का पैसा नहीं मिल सका है। सिद्धौर क्षेत्र के बिबियापुर निवासी रामेश्वर कहते हैं कि लोहिया आवास मिला था बनकर तैयार भी हो गया छत पड़नी बाकी है। दूसरी किस्त का पैसा भी खाते में आ गया है जल्द ही पैसा निकालाकर छत डाली जाएगी।
यहीं कि निवासी सुषमा का कहना है कि उनका आवास दूसरी किस्त का पैसा नहीं मिलने की वजह से पूरा नहीं हो पा रहा है। जिससे इस बरसात में हम लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान हम लोग पहले से मकान बने हुए हैं उनमें परिवार के साथ जीवन बसर करने को मजबूर हैं।
लोहिया आवास दिए जाने की प्रक्रिया इस सरकार में वर्ष 2012-13 से शुरू हई। इस वर्ष 452 लाभार्थियों को लोहिया आवास दिए गए और इन सभी के आवास बनकर तैयार भी हो चुके हैं। इसी प्रकार वर्ष 2013-14 में भी 452 और 2014-15 में 452 लाभार्थियों को लोहिया आवास दिए गए। वर्ष 2105-16 में 908 लाभार्थियों को लोहिया आवास दिए गए इनमें से 875 लाभार्थियों को दूसरी किस्त भी जारी कर दी गई है।
इस वर्ष जिले में 908 लाभार्थियों को लोहिया आवास दिए गए थे। यह सभी बनकर लगभग पूरे हो गए हैं क्योंकि आवास का कार्य पूरा कराने के लिए दूसरी किस्त भी जारी कर दी गई है। यदि कहीं पर कोई आवास अधूरा पड़ा है तो इसकी जांच कराई जाएगी और जल्द से जल्द इन आवासों को पूरा कराने का कार्य किया जाएगा। -एके सिंह, परियोजना निदेशक