बाराबंकी। सरयू की बाढ़ तराई के गांवों में कहर बरपा रही है। सिरौलीगौसपुर का इटहुआ पूर्व गांव पहले ही नदी में समा चुका है। जमका गांव में पानी भरने से यहां के परिवारों ने दूसरे गांव में शरण ले ली है। वहीं जलस्तर कम होने से कटान तेज हो गई है। अब रामनगर तहसील क्षेत्र की सरसंडा ग्राम पंचायत का बबुरी गांव का अस्तित्व खतरे में दिख रहा है।
रामनगर व सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के 50 गांव बाढ़ से घिरे हैं। बुधवार की रात नदी का जलस्तर कम होना शुरु हुआ तो नदी खतरे के निशान के पास पहुंच गई। अंतिम छोर पर बसे सरसंडा ग्राम पंचायत के बबुरी गांव के पास सरयू नदी तेजी से कटान रही है। इस गांव का अस्तित्व खतरे में है। गांव के शिवकुमार, दीपक कुमार, राकेश कुमार, रोहित, मोहित, रवि, देवीशरन, सूरज, चन्द्र प्रकाश, रामनरेश, राजू, मुकेश, सुनीता, श्यामकली, रामू, विजय कुमार, अनिल, सोनू, बेटू, राजकुमार समेत 60 लोगों के मकान कटान के निशाने पर हैं। सरसंडा गांव के जो 14 मकान नदी में समा गए थे, उनमें रहने वाले परिवारों को बतनेरा गांव में जमीन दी गई है। कुछ ग्रामीण बिलहरी में रह रहे हैं।
नदी के उस पार बसे जमका, खुज्झी, परशुरामपुर, फाजिलपुर आदि समेत पांच गांवों में सरकारी मदद पहुंचाने के लिए केवल नाव का सहारा है। सुंदरनगर, ललपुरवा, गायघाट, बिझला बल्लोपुर, कोड़री, पर्वतपुर, कचनापुर, जमका खुज्जी, बलाईपुर, बबुरिहा, मदरहा, क्योलीपुरवा सहित करीब दो दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। उधर, सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र का तेलवारी, बघौलीपुरवा, नव्वनपुरवा, कहारनपुरवा, टेपरा, सनावा गांवों में बाढ़ के हालात हैं। नदी खेतों को अपनी जद में ले रही है। एसडीएम विश्वमित्र सिंह ने बताया कि तटबंध पर आ रहे परिवारों की सूची बनाई जा रही है।
14 हजार भोजन के पैकेट वितरित
बाढ़ से घिरे लोगों का पेट भरने के लिए रामनगर तहसील प्रशासन द्वारा भोजन वितरित किया जा रहा है। एसडीएम रामनगर अनुराग सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को दो टाइम करीब 14 हजार भोजन के पैकेट बाढ़ पीड़ितों को बांटे गए हैं। तटबंध पर बसे लोगों की देखरेख की जा रही है।
पहुंचे सांसद, 45 नाविकाें को बांटी किट
सांसद उपेंद्र रावत ने बृहस्पतिवार को पूर्व विधायक शरद अवस्थी के साथ सरसंडा, सुंदरनगर, बबुरी गांव का जायजा लिया। तटबंध पर बसे लोगों ने सांसद को बताया कि राशन की किट नहीं मिली है। इस पर सांसद ने किट बांटने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने सांसद को बताया कि बाढ़ तीन दिन रुकने के बाद ही राशन बांटा जाता है। इस मौके पर सांसद ने 45 नाविकों को सुरक्षा संबंधी किट प्रदान की।