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बेरहमी से पीट-पीट कर युवक की हत्या

Sun, 07 May 2017 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
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थाना क्षेत्र के मीननगर गांव मेें अज्ञात लोगों ने बेरहमी से प्रीतम यादव (30) की पीट-पीट कर हत्या कर दी। पुलिस की मानें तो शनिवार दोपहर कुछ लोगों ने प्रीतम को बेरहमी से लाठी-डंडे से पीटने के बाद गांव के प्राथमिक विद्यालय में फेंक दिया था। अधमरा हालत में परिवारीजनों ने उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ में भर्ती कराया। देर रात उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
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एसओ दरियाबाद का कहना है कि प्रीतम के मरणासन्न अवस्था में मिलने के बाद चाचा की तहरीर पर धारा 308 में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी। उसकी मौत के बाद हत्या की धारा बढ़ाए जाने की प्रक्रिया की जा रही है। पुलिस हत्या की वजह पुरानी रंजिश, प्रेम प्रसंग और भूमि विवाद आदि बिंदुओं पर गहराई से छानबीन कर रही है। पुलिस कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। 

पुलिस के मुताबिक, थाना दरियाबाद थाना क्षेत्र के मीननगर गांव में शनिवार दोपहर प्रीतम यादव बाबा पुत्र त्रिभुवन (30) प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्री के अंदर मरणासन्न अवस्था में पड़ा मिला था। चचेरे भाई धर्मराज ने जब उसे देखा तो सूचना गांव में फैली। घायल के कान व नाक से खून बह रहा था तथा शरीर पर कई जगहों पर गंभीर चोटें थी।
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लोगों के मुताबिक युवक की लाठी, डंडों से जमकर पिटाई की गई थी। परिवारीजनों ने घायल को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मथुरा नगर पहुंचाया। जहां से हालत खराब होने के कारण उसको जिला अस्पताल ले जाया गया और फिर उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। वहां देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी।

लखनऊ में ही मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद रविवार को गांव शव पहुंचने पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। मृतक के चाचा प्रेम चंद ने बताया कि मेरे भतीजे के साथ जिस तरह वारदात को अंजाम दिया गया है, इससे साफ है कि हमलावर उसे पहचानते थे और उसे मृत समझ कर स्कूल में फेंक गए।     

प्रीतम के मरणासन्न अवस्था में मिलने पर चाचा प्रेम चंद की तहरीर पर धारा 308 की रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन की जा रही थी। उसके मौत के बाद हत्या की धारा बढ़ाए जाने की प्रक्रिया चल रही है। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर हत्या की वजह और हत्यारों की तलाश में टीमें दबिश दे रही हैं। -शिवाकांत त्रिपाठी, थानाध्यक्ष  

जिद्दी किस्म का था प्रीतम                         
मृतक तीन सगे भाई हैं दो अन्य भाई अर्जुन व प्रमोद लखनऊ में पानी के बताशा बेचने का काम करते है। घटना के समय भी दोनों भाई लखनऊ मे ही थे। बताते हैं कि मृतक प्रीतम काफी जिद्दी किस्म का था वह किसी बात को लेकर दस वर्ष से अपने ही घर के चौखट को पार नहीं करता था और गांव में ही बाहर घूमता रहता था।                        

पिता की भी हो चुकी हत्या                       
मृतक प्रीतम के चाचा प्रेमचंद ने बताया कि भाई त्रिभुवन भी करीब 20 वर्ष पूर्व रहस्यमय तरीके से लापता हो गए थे जिनका आज तक पता नही चल सका है। कहा जा रहा है कि प्रीतम के पिता की भी किसी ने हत्या की थी, लेकिन मामले में आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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