फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एमडीएम घोटाले में युवती समेत दो दबोचे

विज्ञापन
केस दर्ज - फोटो : Amarujala
विज्ञापन

नौनिहालों के मध्यान्ह भोजन की तीन करोड़ 38 लाख की धनराशि निजी खातों में डालकर गोवा के कैसिनों में उड़ाई गई। पुलिस ने फरार चल रहे लखनऊ निवासी युवती समेत दो और वांछितों को शुक्रवार को गिरफ्तार किया। इसका खुलासा पुलिस लाइन के सभागार में अपर पुलिस अधीक्षक आरएस गौतम ने किया। उन्होंने बताया कि पकड़े गए एमडीएम घोटाले के मास्टर माइंड रहीमुद्दीन की प्रेमिका रोजी सिद्दीकी व दोस्त रघुराज को गिरप्तार कर अदालत में पेश किया गया जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। 

विज्ञापन



एएसपी ने बताया कि बीएसए कार्यालय में कई वर्षों से एमडीएम का घोटाला किया जा रहा था। इसको बीएसए वीपी सिंह ने दिसम्बर 2018 में पकड़ा। बीएसए की प्रारम्भिक जांच में 4.23 करोड रुपये का घोटाला सामने आया था। इसके बाद बीएसए की तहरीर पर नगर कोतवाली में एमडीएम के जिला समन्वयक राजीव शर्मा, उनके सहयोगी कम्प्यूटर ऑपरेटर रहीमुद्दीन व अन्य जिन खातों में यह धनराशि भेजी गई साधना व रोजी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने राजीव शर्मा व रहीमुद्दीन को 29 दिसम्बर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। रोजी व साधना की गिरफ्तारी पुलिस के लिए सिरदर्द बनी थी। इस मामले की विवेचना साइबर सेल को दी गई।

ऐसे में साइबर सेल की जांच में एक ओर रघुराज उर्फ किशन का नाम सामने आया। इसके खाते में भी 11 लाख रुपये की धनराशि भेजी गई थी। इस मामले में फरार वांछित आरोपियों की तलाश में काफी समय से साइबर सेल व नगर कोतवाली पुलिस खाक छान रही थी। पुलिस ने लखनऊ में कई स्थानों पर छापे मारे। शुक्रवार को पुलिस टीम ने रोजी सिद्दीकी व रघुराज उर्फ किशन को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में रघुराज ने बताया कि रहीमुद्दीन उसका दोस्त है और वह उसके साथ गोवा के कैसिनो व क्लब में सट्टा खेलता था। वहीं पुलिस की माने तो रोजी ने बताया कि वह रहीमुद्दीन की प्रेमिका है। खाते में आने वाली रकम दोनों मिलकर खर्च करते थे। दोनों आरोपी लखनऊ के कल्यानपुर के निवासी है जबकि पुलिस को अब साधना की तलाश है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें