चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
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किशोरी के अपहरण व सामूहिक दुराचार के एक मामले में विशेष अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) आरबीएस मौर्य ने तीन आरोपियों को 10-10 वर्ष कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपियों को 25-25 हजार रुपये अर्थदंड भुगतने का भी आदेश दिया है। जिसमें से 50 हजार रुपये पीड़ित को प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे।
सहायक शासकीय अधिवक्ता अमर सिंह यादव ने बताया कि थाना असंद्रा के एक गांव की किशोरी (15) वर्ष 11 फरवरी 2012 की शाम खेत की तरफ गई थी, तभी कोठी थाना क्षेत्र के ग्राम बकसावां निवासी कुंडुम व गांव के गुड्डू ने किशोरी का अपहरण कर उसके साथ दुराचार किया। आरोपीजन उसे गांव के बाहर छोड़कर फरार हो गए। घटना की रिपोर्ट पीड़िता के पिता ने थाना असंद्रा में दर्ज कराई।
न्यायालय में कलम बंद बयान के दौरान पीड़िता ने थाना असंद्रा के गोसाइनपुरवा निवासी राममिलन व कुंडुम तथा गुड्डू द्वारा दुराचार करना बताया। न्यायालय में गवाही के दौरान जिरह में पीड़िता अपने बयान से मुकर गई जिसे पक्षद्रोही घोषित किया गया। पीड़ित के बयान में आरोपियों को गांव का व रिश्तेदार होना बताया।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि पीड़िता के बयान से मुकरने पर अभियोजन पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता है। दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात अपर सत्र न्यायाधीश ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष कैद व 25-25 हजार रुपये अर्थदंड भुगतने की सजा सुनाई है। जिसमें से 50 हजार रुपये पीड़ित को प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे।