अयोध्या में विवादित ढांचा ध्वंस के 23 साल पूरे होने पर छह दिसंबर के मद्देनजर अधिकारियों द्वारा पुलिस बल को सतर्क रहने और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश का असर जिले में दिखाई पड़ा। इसके अलावा जिले भर में पुलिस ने वाहनों अथवा अन्य स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाया गया। वहीं शिवसेना, विहिप व बजरंग दल ने हवन पूजन कर शौर्य दिवस मनाया। वहीं हिंदु युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने शहर मेें जुलूस निकाला।
अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाए जाने के 23 वर्ष पूरे हो चुके हैं। रविवार 6 दिसंबर के मद्देनजर एहतियात के तौर पर पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने शहर में बस अड्डा, सिनेमा घर, सार्वजनिक स्थलों व शहर के लॉज की सघन चेकिंग की। वहीं हाईवे से होकर कई नेताओं के अयोध्या जाने की सूचना पर सफेदाबाद में मोहम्मदपुर पुलिस चौकी के पास पुलिस ने बैरियर लगाकर वाहनों की सघन चेंकिग की। पर पुलिस को इस दौरान न तो कोई नेता ही मिला और न ही संदिग्ध व्यक्ति।
कारसेवकों की आत्मा की शांति के लिए की प्रार्थना
छह दिसंबर के दिन शुक्रवार को शिव सेना कार्यकर्ताओं ने जिला प्रमुख मनोज मिश्रा व प्रदेश प्रधान महासचिव सचिव किशन लाल रावत के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शहर के धनोखर मंदिर व जमुरिया नाले के पास हवन पूजन कर विवादित ढांचा विध्वंस के दौरान प्राणों की आहूति देने वाले कार सेवकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना किया। वहीं शिवसेना के सुरेश चंद्र पाठक के नेतृत्व में भी हनुमान मंदिर में हवन पूजन किया गया। जबकि विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भी मंदिर में पूजा अर्चना कर इस दिन को शौर्य दिवस के रूप में मनाया।
हिंदु युवा वाहिनी ने निकाला जुलूस
हिंदु युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने शहर में जुलूस निकाला। नागेश्वरनाथ मंदिर से लेकर यह विजय जुलूस घंटाघर, धनोखर, नेबलेट, छाया चौराहे होते हुए शहर के सभी प्रमुख मार्गो से निकला। जुलूस में अयोध्या में बनने वाले श्रीराम मंदिर का ढांचा लेकर चल रहे कार्यकर्ताओं ने जय श्रीराम के नारे लगाए। सभी ने विवादित ढांचा विध्वंस के दौरान मारे गए कारसेवकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की। इस दौरान पुलिस की सख्त सुरक्षा व्यवस्था मौजूद रही।