जिला महिला अस्पताल से एक प्रसव पीड़िता को यह कहकर भगा दिया कि वह काफी सीरियस है और उसका इलाज यहां पर संभव नहीं है। परिवारीजनों ने काफी हाथ पांव जोड़ लेकिन ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक और कर्मचारी नहीं पसीजे। परिवारीजनों ने दर्द से छटपटा रही पीड़िता को एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया जहां कुछ देर बाद सामान्य प्रसव हो गया।
इसकी शिकायत पीड़िता के परिवारीजनों ने सीएमओ से की है लेकिन अभी तक जांच शुरू नहीं की गई है। उत्तर टोला बंकी निवासी पूर्णमासी का आरोप है कि 30 जुलाई को रात आठ बजे पुत्री शिवली को प्रसव पीड़ा होने पर जिला महिला अस्पताल ले गया था।
यहां पर ड्यूटी पर मौजूद स्टॉफ ने रुपये की मांग की और कहा पहले पैसा दे दो तभी डॉक्टर मरीज को हाथ लगाएंगी। लेकिन मैने पैसा देने में असमर्थता जताई और डॉक्टर के पैर पकड़ कर रोने लगा लेकिन डॉक्टर ने हालत गंभीर होने की बात कहकर अस्पताल से भगा दिया।
कहा कि इसकी हालत बहुत गंभीर है अगर उपचार में देरी की तो जच्चा बच्चा की जान भी जा सकती है। इसी बीच एक महिला आई और कहा तुम्हारे मरीज की हालत बिगड़ रही है पास ही एक निजी नर्सिंग होम है, वहां चलकर भर्ती करा दो।
पुत्री की हालत बिगड़ती देख परिवारीजन उस महिला के साथ बेटी को लेकर चले गए और निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया। कहा कि निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराने के आधे घंटे बाद ही सामान्य प्रसव हो गया।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि जिला महिला अस्पताल में दलालों का बोलबाला है यहां सिर्फ पहुंच और पैसे वालों को ही उपचार मिलता है। इसकी शिकायत सीएमओ और डीएम से की है।
मामला संज्ञान में आया है लेकिन कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। फिर भी एसीएमओ से पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति की जाएगी। -डॉ. सतीश चन्द्रा, सीएमओ