प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार को लाई गई प्रसव पीड़िता की जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। मौत सूचना जैसे ही गांव पहुंची पूरा गांव पीएचसी की ओर दौड़ पड़ा और अस्पताल गेट में ताला डाला अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों और कर्मियों को बंधक बनाते हुए जमकर हंगामा काटा।
आरोप है कि प्रसव कराने के बाद दोनों एएनएम आवास पर चली गई। हालत बिगड़ने पर सूचना दिए जाने के बाद भी नहीं आई। मौके पर मौजूद डॉक्टर ने हालत गंभीर बता जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिवारीजन अस्पताल लेकर जा रहे थे कि रास्ते में मौत हो गई।
मौके पर पहुंचे सीएमओ ने पीएचसी प्रभारी समेत दोनों एएनएम को तत्काल हटाते हुए जांच के आदेश दिए हैं। इसके बाद जाकर आक्रोशित किसान शांत हुए। यह प्रदर्शन करीब 5 घंटे तक चला। क्षेत्र के गंगवारा गांव निवासी कमलेश (भाकियू पदाधिकारी) की बहू शशिकला (21) पत्नी सीताकांत को मंगलवार देर रात प्रसव पीड़ा पर पीएचसी देवा लाया गया है। आरोप है ड्यूटी पर एएनएम मैरी और मोना नायर मौजूद थी।
प्रसव पीड़िता को भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया गया। सुबह करीब साढे़ पांच बजे प्रसव हुआ। आरोप है कि प्रसव कराने के बाद दोनों एएनएम अपने आवास पर चली गई। इसी बीच पीड़िता की हालत बिगड़ने लगी और उसे रक्तश्राव शुरू हो गया।
परिवारीजनों का आरोप है कि हालत बिगड़ने की जानकारी दोनों एएनएम को दी गई लेकिन दोनों में किसी ने भी हाथ लगाना उचित नहीं समझा। कमलेश ने बताया कि बुधवार सुबह जब डाक्टर आए और उनसे यह बात बताई गई तो उन्होंने उपचार करने के बजाए आनन-फानन जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिवारीजन उपचार को ला रहे थे कि रास्ते में मौत हो गई।
इस बात की जानकारी जैसे ही गांव के लोगों को हुई सभी आक्रोशित हो उठे और पीएचसी पहुंच गए। आक्रोशित किसानों ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों और कर्मियों को अस्पताल के अंदर बंद कर गेट पर ताला जड़ हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा कर रहे किसानों ने करीब 5 घंटे तक चिकित्सकों और कर्मियों को अस्पताल में बंधक बनाए रखा।