लखनऊ-फैजाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग एनएचआई की लापरवाही की भेंट चढ़ गया है। आए दिन लोग हादसे में लोग जान गवां रहे हैं। जानकारों की मानें तो हाईवे पर हादसे की वजह जर्जर सड़कें हैं। नेशनल हाईवे पर हर कदम खतरा है। सड़क पर दो-दो फुट के गड्ढे तो कहीं रेलिंग गायब है। डिवाइडर पाटकर अवैध कट बनाया गया है। एनएचआई ठीक से इसका रखरखाव भी नहीं कर रही। आलम है कि पिछले तीन साल से छुटपुट छोड़ कहीं मरम्मत कार्य नहीं हुआ। जबकि, हर साल एनएचआई को सड़क मरम्मत व रखरखाव का बजट दिया जाता है।
राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में मानकों की जमकर अनदेखी की गई। निर्माण के तीन चार साल बीतने के बाद ये सच्चाइ सामने आने लगी है। अभी कुछ दिन पूर्व सफेदाबाद ओवरब्रिज का कुछ हिस्सा धंस गया था। जिसकी मरम्मत कराई जा रही है। बड़ेल के पास बाएं साइड का हिस्सा करीब पांच सौ मीटर तक धंस चुका है। शुक्रवार को चौपुला से लेकर सफेदाबाद तक हाईवे का जो नजारा देखने केे मिला वह कुछ इस प्रकार था। चौपुला से सफेदाबाद की ओर बढ़े तो थोड़ा आगे चले के बाद लोगों हाइवे के किनारे होटल बना लिया है और मवेशियों को बांधा जा रहा है। आने जाने के लिए अवैध कट बना दिए गए हैं। इससे और आगे बढ़े तो सहेलिया के निकट बने पुल पर ही गड्ढे हो गए हैं जिससे किसी दिन भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है। जहां पुल उतरता वहां मिट्टी पाटकर चौड़ा अवैध कट बना लिया गया है। यही नहीं हाईवे के किनारे ही बेतरतीब तरीके से भारी वाहन खड़े कर दिए जाते हैं। जिस कारण ग्रीन बेल्ट दो-दो फुट तक गहरी हो गई है। सफेदाबाद से थोड़ा पहले तो अतिक्रमणकारियों ने हाईवे को पूरी तरह से अपनी गिरफ्त में ले लिया। होटल से लेकर अन्य कई प्रकार की दुकानें हाईवे के किनारे ही खोल रखी है जिससे यहां पर चालक भारी वाहन खड़े कर देते हैं ।
कई जगहों पर टूट गई रेलिंग
यात्रियों की सुरक्षा के लिए हाईवे के दोनों ने मोटी रेलिंग भी लगाई गई थी। एनएच की लापरवाही का आलम ये है कि ये रेलिंग जगह-जगह पर टूटी पड़ी है और कई स्थानों पर तो उखड़ कर दूर जा गिरी है। लेकिन इस ओर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यदि ये रेलिंगें सही करा दी जाए तो काफी हद तक हादसों पर रोक लगाई जा सकती है।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक पी शिवशंकर ने बताया कि हाईवे पर जिन-जिन स्थानों पर अवैध कट बनाए गए हैं उन्हें हटाने का कार्य प्रशासन के सहयोग से बराबर चल रहा है। इसके अलावा जहां पर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है उसे भी हटाया जाएगा। हाईवे के दोनों ओर बनाई गई रेलिंग कई स्थानों पर टूट गई। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। उम्मीद है जल्द ही नई रेलिंग लगाए जाने की स्वीकृति मिल जाएगी।