देश से लेकर विदेशों के जायरीनों ने प्रतिदिन गुलजार रहने वाली हाजी वारिस अली शाह साहब की धरती इस समय जल उठी है। देवा कोतवाली मेें रविवार शाम पुलिस पिटाई से युवक की मौत के बाद इस मामले में अपनी गर्दन फंसती देख पुलिस ने इसे बड़ी आसानी से आत्महत्या का रूप दे डाला। इस मामले में पुलिस ने न सिर्फ डीएम को अंधेरे में रखा बल्कि दो सांसदों को भी झूठा भरोसा देती रही।
सूखा पड़ा था लॉकअप का शौचालय
देवा कोतवाली के लॉकअप में जिस शौचालय में मृतक सुभाष द्वारा फांसी लगाने की बात कही जा रही है। वहां पर जब मीडिया कर्मियों ने देखा तो शौचालय सूखा था। जबकि पुलिस कह रही है कि मृतक सुभाष फांसी लगाने से पहले तीन बार शौचालय गया था, लेकिन वहां पर शौचालय की स्थिति से देखने से लगा कि उसका प्रयोग ही नहीं किया।
डीएम से भी झूठ बोलती रही पुलिस
देवा मामले में पुलिस ने डीएम योगेश्वर राम मिश्र से भी बहुत झूठ बोला। रविवार को करीब 6.30 बजे सुभाष की मौत कोतवाली में हुई थी। लेकिन डीएम को साढ़े सात बजे तक इस बात की जानकारी नहीं दी गई। जबकि इसी बीच पांच थानों की पुलिस देवा कोतवाली पहुंच गई।
कोठी कांड में भी पुलिस ने पार की थी लापरवाही की हद
पुलिस ने जिस तरह से देवा में कोतवाली में युवक की मौत के मामले में लापरवाही दिखाई है। उसी तरह से कोठी कांड में भी पुलिस की लापरवाही उजागर हुई थी।
कोठी मेें जब बीते 6 जुलाई को एक महिला को एसओ व एसआई ने जिंदा जला दिया था तो पुलिस ने मामले मेें मृतका के पुत्र से जबरन तहरीर लेकर आरोपी एसओ व एसआई पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था। इसके बाद कोई कार्रवाई भी पुलिस ने नहीं की थी। जिस पर वह मामला सीबीसीआईडी को चला गया था।
पुनिया और प्रियंका को अंधेरे में रखा
पुलिस पिटाई से युवक की मौत के मामले में सांसद डॉ. पीएल पुनिया ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच के लिए कहा तो उन्हें पुलिस के मुखिया भरोसा दिया कि न्याय होगा। साथ ही वादा किया शव का पोस्टमार्टम सुबह दस बजे कराया जाएगा और इससे पहले सूचना दी जाएगी।
यही भरोसा पुलिस ने सांसद प्रियंका रावत को भी दिया था, लेकिन उसकी ठीक उलटा। सुबह चार बजे जब प्रियंका रावत देवा सीएचसी से लौटीं तो उसके कुछ देर बाद ही पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने की तैयारी शुरू कर दी। और साढ़े छह बजे उसका शव मर्चच्युरी में आ गया। तुरंत डॉक्टर आए और पोस्टमार्टम होने लगा। न दोनों सांसदों को बताया गया और न ही मीडिया को।
देवा मामले में कब क्या हुआ
1- माती चौकी प्रभारी जेपी यादव ने रविवार की शाम 4.20 बजे सुभाष राजवंशी को बाइक चोरी के मामले मेें पकड़कर देवा कोतवाल में दाखिल किया।
2- रविवार की शाम 6.30 कोतवाली के लॉकअप के शौचालय में सुभाष के फांसी लगाने की बात सामने आई।
3- रविवार की रात करीब 7 बजे देवा पुलिस सुभाष को इलाज के लिए सीएचसी लेकर पहुंची जहां उसे डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
4- रविवार/सोमवार की रात करीब 1 बजे भाजपा सांसद प्रियंका सिंह रावत सीएचसी देवा पहुंची और सुबह चार बजे तक रुकी रहीं। पुलिस के निष्पक्ष जांच के आश्वासन पर वह वापस लौटीं।
5- सोमवार की सुबह करीब 6.30 बजे देवा पुलिस मृतक सुभाष के शव को पीएम कराने के लिए जिला मुख्यालय लेकर पहुंची।
6- सोमवार की सुबह करीब सवा आठ बजे सुभाष के शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद पुलिस शव लेकर लखनऊ रवाना हो गई।
7- सोमवार को करीब 11.30 बजे आक्रोशित लोगों ने माती पुलिस चौकी मेें आग लगा दी।