भाजपा सांसद द्वारा हत्या आरोपियों को बचाने का मामला उठाने के बाद हरकत में आई रामनगर पुलिस ने सीहामऊ गांव में हुए सुधीर हत्याकांड में प्रधान प्रतिनिधि समेत चार आरोपियों को जेल भेजा है।
आरोपियों के पास से पुलिस ने मृतक का मोबाइल तथा घटना में प्रयुक्त फावड़ा बरामद किया है। पुलिस ने बताया कि हत्या की साजिश गांव के प्रधान प्रतिनिधि ने रची थी इसके लिए उन्होंने साढ़े तीन लाख रुपये का लोहिया आवास देने का वायदा अपने साथी से किया था।
सुन्दर लाल दीक्षित पुत्र गुरूप्रसाद निवासी सीहामऊ थाना रामनगर द्वारा थाना रामनगर पर अपने पुत्र रिंकू उर्फ सुधीर कुमार दीक्षित का शव थाना मोहम्मदपुरखाला पुलिस द्वारा ग्राम कोइलीपुरवा मजरे गड़ेड़ियनपुरवा घाघरा नदी के रेत में दबा मिला था। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस जांच में सुधीर की हत्या में शामिल राहुल मिश्रा पुत्र मिथलापत मिश्रा निवासी ग्राम सिहामऊ, अवध शरण पुत्र सत्य नरायन निवासी अकोना सकतापुर मजरे कोईली का पुरवा थाना मोहम्मदपुर खाला, दिलेराम यादव पुत्र नागेश्वर प्रसाद यादव निवासी ग्राम बिछ्लखा व सीहामऊ ग्राम प्रधान श्रीदेवी के पति संतोष दीक्षित पुत्र राज नारायण दीक्षित के सामने आए थे मृतक के परिवारीजनों ने भी इन्हीं लोगों पर शक जाहिर किया था। जिसके बाद पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेजा गया है।
अपहरण के बाद हुई थी सुधीर की हत्या
सीओ रामनगर श्रीपाल यादव ने बताया कि बीते 12 अप्रैल को सुधीर को राहुल मिश्रा अपने साथ लेकर गए थे। इसके बाद राहुल ने अपने ससुर अवध शरण पुत्र सत्यनरायन निवासी अकोहना के साथ मिलकर सुधीर की हत्या करने के बाद उसके शव को घाघरा नदी के किनारे बालू में गाड़ दिया था।
हत्या में यह तथ्य प्रकाश में आया कि मृतक सुधीर कुमार दीक्षित उर्फ रिंकू ने घटना से एक सप्ताह पूर्व गांव के प्रधान प्रतिनधि संतोष दीक्षित पुत्र राज नरायण दीक्षित व दिलेराम यादव की गिरेबान पकड़कर जूता निकालकर बेइज्जत कर दिया था।
जिसका बदला लेने के लिए प्रधान प्रतिनिधि संतोष दीक्षित व दिलेराम यादव उपरोक्त ने राहुल मिश्रा को ग्राम साढ़े तीन लाख रूपये के लोहिया आवास देने का वादा कर आपराधिक षड़यंत्र रचकर सुधीर की हत्या करवाई थी।
इसी मामले में एएसपी से भिड़ी थीं सांसद
इसी मामले में कार्रवाई के लिए बुधवार को सांसद प्रियंका सिंह रावत ने एएसपी उत्तरी कुंवर ज्ञानंजय सिंह की खाल खिंचाने की बात कही थी। सांसद ने आरोप लगाया था कि पुलिस आरोपियों को बचा रही है। जिसके बाद हरकत में आई पुलिस ने यह कार्रवाई की है।