जांच में पता चला है कि दवाई को खासतौर पर नशे के लिए ही बनाया गया था।
अवैध रूप से संचालित हो रहे बिना लाइसेंस के मेडिकल स्टोर और क्लीनिक पर बुधवार को ड्रग इंस्पेक्टर ने टीम के साथ छापा मारकर एक बोरी दवाई बरामद की। टीम ने दवाइयों का नमूना भी भरा। इसे जांच के लिए लैब भेजा गया है।
मसौली ब्लॉक के न्योला करसंडा चौराहे पर अमर सिंह वर्मा बिना लाइसेंस के अवैध रूप से क्लीनिक के साथ ही मेडिकल स्टोर का संचालन कर रहे थे। बुधवार को ड्रग इंस्पेक्टर ओम प्रकाश यादव ने टीम के साथ पहुंच कर छापेमारी की।
क्लीनिक से 25 हजार रुपये की एक बोरी दवाइयां के साथ ही सिरिंज, ग्लूकोज, ड्रिप आदि बरामद हुआ। इन्हें सील कर दिया गया। साथ ही मिली अल्प्रासेफ व लोपोस्ट्रेप टेबलेट का नमूना भी भरा गया। टेबलेट के नमूने को जांच के लिए लैब भेजा गया है। टीम के पहुंचते ही झोलाछाप भागने में सफल रहा।
ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि झोलाछाप बिना लाइसेंस के क्लीनिक के साथ मेडिकल स्टोर का भी संचालन कर रहा था। छापेमारी मेें 25 हजार रुपये की दवाई, सीरिंज, ग्लूकोज आदि बरामद कर दवाइयों के नमूने भी भरे गए हैं। कार्रवाई के लिए एडी फैजाबाद न्यायालय में मुकदमा दायर किया जाएगा, उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।