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बालक की गला घोंटकर हत्या

Fri, 19 Aug 2016 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
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रोते परिवारीजन - फोटो : अमर उजाला
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खेत में गाय घुस जाने से भड़के गांव के दो युवकों ने बृहस्पतिवार देर शाम दस वर्षीय दलित बालक की एक निजी स्कूल परिसर में गला घोंट कर हत्या कर दी और शव को सीट के नीचे छिपाकर भाग गए। बालक हत्या की खबर से गांव में हड़कंप मच गया।
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पिता की तहरीर पर बगल के गांव के दो युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई है। पुलिस कप्तान राजू बाबू सिंह ने शुक्रवार को मौके का मुआयना कर बयान दर्ज किए। 

दरियाबाद के खरचा गांव में गुरुवार शाम को एक दस साल दलित बालक पप्पू पुत्र साधूराम अपने जानवरों को चराने गया था। इसी बीच उसकी एक गाय सुरेश यादव के खेत में चली गई। इससे नाराज सुरेश अपने साथी रामदेव के बालक के घर आ धमका और गाली देने लगा।
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घरवालों ने विरोध किया तो दोनों नतीजा भुगतने की धमकी देकर चले गए। इसके कुछ देर बाद ही पप्पू लापता हो गया। परिवारीजनों ने तलाश शुरू की तो गांव बाहर स्थित इरम पब्लिक स्कूल के एक कमरे में सीट के नीचे बालक का शव मिला। शव को देखते ही परिवारीजनों में कोहराम मच गया।

बाद में सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। ग्रामीणों और परिवारीजनों का कहना है कि पप्पू के गले पर काला निशान था, ठुड्डी पर चोट के निशान थे और मुंह से खून निकल रहा था।

बालक की शर्ट के बटन खुले थे और पैंट भी खुली व फटी थी। जिससे लोगों आशंका है किकुकर्म के बाद बालक की हत्या की गई है। मृतक (पप्पू) के पिता साधूराम ने गुलचप्पा कला निवासी सुरेश यादव पुत्र शिव प्रसाद व रामदेव पर बेटे की हत्या का आरोप लगाया है।

पीड़ित पिता की तहरीर पर पुलिस ने दोनों आरोपी के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस आरोपितों को गिरफ्तार कर थाना में पूछताछ कर रही है। पुलिस कप्तान ने मौके का मुआयना कर बालक के साथियों और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए हैं। 

धान के खेत में गाय जाने से शुरू हुआ विवाद
मृतक (पप्पू) की मां राघव देवी ने बताया कि बृहस्पतिवार को जब पप्पू काफी देर तक पप्पू घर नहीं लौटा तो उसकी तलाश शुरू हुई। लेकिन काफी तलाश के बाद उसका कुछ पता नहीं चला।

स पर परिवारीजन सुरेश व रामदेव के घर पहुंचे तो वह सभी लामबंद हो कर झगड़ा करने लगे। रात करीब 11 बजे परिवारीजन खोजते-खोजते गांव के बाहर स्थित इरम पब्लिक स्कूल पहुंचे। यहां कमरों में भी तलाशी की गई।

वहीं एक कमरे में सीट के नीचे पप्पू का शव पड़ा मिला। बालक का शव के देख घरवालों के होश उड़ गए। बेटे की हत्या से घर में कोहराम मच गया। मृतक (पप्पू) का भाई हरिराम उसका शव उठा कर घर ले आया और पुलिस को सूचना दी।

चश्मदीदों ने कहा, सुरेश व रामदेव बुलाकर ले गए थे पप्पू को
दलित बालक की हत्या की जानकारी पर अधीक्षक राजू बाबू सिंह व एएसपी शफीक अहमद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से बातचीत की। एसपी ने उन बच्चों से भी बात की जो पप्पू के साथ मवेशी चराने गए थे।

एसपी ने पप्पू के साथ गए बच्चों लवकुश, बिहारी व गोदई आदि से पूछताछ की तो इन बच्चों ने बताया कि शाम करीब छह बजे सुरेश व रामदेव पप्पू को बुलाकर अपने साथ ले गए थे। इसके बाद पप्पू का कुछ पता नहीं चला। एसपी ने इन बच्चों के बयान दर्ज किए। 

सूनी रह गई पप्पू की कलाई
बृहस्पतिवार को रक्षा बंधन का पर्व होने से उसकी बहन दयावती शाम को अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए खरचा गांव पहुंची थी। यहां पहुंचने पर पता चला कि पप्पू लापता है। जिसकी तलाश की जा रही है। लेकिन जब पप्पू मिला भी तो उसकी मौत हो चुकी थी। पप्पू की आखिरी राखी पर उसकी कलाई सूनी रह गई। दयावती का रो-रोकर बुरा हाल है।

ग्रामीणों ने स्कूल में शव मिलने की सूचना दी थी। मृतक बालक के पिता ने दो लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पोस्टमार्टम बालक की दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई है और कुकर्म की आशंका की जांच के लिए स्लाइड बनाई गई है। आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। -राजूबाबू सिंह, पुलिस कप्तान
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