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बाराबंकी में टापरों का रूका रथ फिर भी बेटियों ने बचाई लाज

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टॉपरों का रुका रथ फिर भी बेटियों ने बचाई लाज
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डेढ़ दशकों से नामचीन विद्यालयों का रहा दबदबा
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। पिछले डेढ़ दशक से यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर में टॉपर स्थान रखने वाले बाराबंकी का विजय रथ इस बार रुक गया। लेकिन हाईस्कूल में दूसरा और तीसरा स्थान हासिल कर जिले की बेटियों ने लाज जरूर बचा ली है। जिले का महारानी लक्ष्मीबाई इंटर कॉलेज वर्ष 2003 से टॉपर रहा। यहां के छात्र-छात्राओं ने वर्ष 2005 में प्रदेश की मेरिट सूूची में फर्स्ट, सेकेंड व थर्ड तीनों रैंक तो 2006 में थर्ड रैंक हासिल की। 2007 में एक बार फिर फर्स्ट, सेकेंड व थर्ड रैंक पर इसी कॉलेज का कब्जा रहा। 2008 में 15वीं रैंक मिली। मगर, 2012 व 2014 में फिर तीनों स्थानों पर अपना कब्जा जमा लिया। 2015 में इस कॉलेज के स्टूडेंट ने पांचवां स्थान प्राप्त किया। वहीं 2016 में पुराना इतिहास दोहराते हुए प्रदेश की मेरिट सूची में फर्स्ट, सेकेंड व थर्ड स्थान पर अपना कब्जा कर लिया।
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वहीं 2007 से प्रदेश की मेरिट सूची में सांई इंटर कॉलेज का दखल रहा। पहली बार इस कालेज के छात्रों ने 7वीं आठवी व नवीं रैंक प्राप्त किया तो 2008 में आठवां स्थान, वर्ष 2011 व 13 में फर्स्ट स्थान, वर्ष 2015 में पांचवां स्थान मिला था। बीआरजी इंटर कॉलेज बरैय्या सूरतगंज, रामसेवक इंटर कालेज, यंग स्ट्रीम व वारिस चिल्ड्रेन अकाडमी का भी मेरिट सूची में दबदबा रहता था। मगर, इस बार इन कॉलेजों के बच्चे मेरिट सूची में भले न आए हों मगर, 90 प्रतिशत से अधिक अंक पाकर अपने कॉलेज में शिक्षा के स्तर को बेहतर रखा है। जिले में शिक्षा के क्षेत्र में अपनी मेधा की धाक जमाने वाले विद्यालय रिजल्ट के मुद्दे पर एक-दूसरे का मुहं मीठा कर पीठ भी थपथपा सकते हैं। किंतु टॉपर सूची में न आने का रंज आज जिले में हर जुबान पर चर्चा का विषय जरूर रहा। गनीमत रही कि जागृति, अमीना और प्रियांशु जैसी होनहार बेटियों ने चेहरे पर मुस्कान बरकरार रखकर लाज जरूर बचा दी।
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