बाराबंकी। सिंगला रेजीडेंसी नाम की कंपनी के मालिक की सवा 15 करोड़ रुपये की संपत्ति मंगलवार को भी पुलिस व प्रशासन की टीम ने कुर्क कर ली है। दो दिन पहले भी उसकी डेढ़ करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी। इस भूूमाफिया पर एक ही प्लॉट व मकान की दो से तीन लोगों को रजिस्ट्री कर धन अर्जित करने का आरोप है। तीन जून को नगर कोतवाली में कंपनी के मालिक संजय सिंह सिंगला पर गैंगस्टर की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने उसे जेल भेज दिया था। पुलिस प्रशासन की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई से भूमाफिया में हड़कंप मचा हुआ है।
मंगलवार को एक बार फिर तहसीलदार चंद्र प्रकाश त्रिपाठी व प्रभारी निरीक्षक संजय मौर्य भारी पुलिस बल के साथ भूहेरा स्थित भूमाफिया की प्लॉटिंग नुमा भूमि पर पहुंचे। यहां पर मुनादी कराने के बाद गैंगेस्टर के मामले के गैंग लीडर संजय सिंह सिंगला की एक करोड़ 50 लाख 40800 रुपये की भूमि कब्जे में ले ली। इस जगह पर जिलाधिकारी द्वारा संपत्ति कुर्क करने वाला बोर्ड भी लगा दिया गया। इससे दो दिन पहले सिंगला की डेढ़ करोड़ की नगर कोतवाली क्षेत्र के गदिया स्थित प्लॉटिंग नुमा भूमि जब्त की थी।
पुलिस अधीक्षक अनुराग वत्स ने बताया कि लखनऊ के विजईपुर विशेष खंड-2 गोमतीनगर निवासी संजय सिंह सिंगला ‘सिंगला रेजीडेंसी’ नाम की कंपनी बनाकर लोगों को प्लॉट व मकान की रजिस्ट्री करता था। कब्जा देने के बाद दोबारा उसे दूसरे को बेचता था। रुपये वापस न मिलने पर प्लॉट व मकान खरीदने वालों की शिकायत पर हुई जांच में पाया गया कि वह गैंग बनाकर लोगों के साथ धोखाधड़ी व जालसाजी करता है।
इस पर नगर कोतवाली में गैंगस्टर की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद अपराध कार्य से अर्जित संजय सिंह सिंगला की करीब 23 करोड़ की संपत्ति कुर्क की जानी है। इसमें से अभी तक करीब 17 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई है। जबकि लखनऊ के गोमती नगर स्थित तीन मकान भी जल्द ही जब्त किए जाएंगे।
चोर व तस्करों की जब्त होगी दो करोड़ की संपत्ति
माफिया व अपराधियों की संपत्ति जब्त करने को लेकर की जा रही कार्रवाई के तहत बुधवार को जैदपुर थाने के तस्कर फिरोज आलम, मेराज व सहीम की 1.80 करोड़ व सुबेहा थाने की चोरों के गैंग के सरगना रामबरन की 20 लाख रुपये कीमत की संपत्ति बुधवार को पुलिस व प्रशासन की टीम जब्त करेंगी।
इस संबंध में एसपी ने बताया कि अपराध कार्यों से अर्जित की गई तस्कर व बदमाशों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई लगातार की गई है। यह कार्रवाई जनवरी से शुरू हुई थी। अपराधियों व तस्करों को इस कार्रवाई के माध्यम से मेसेज दिया जा रहा है कि सुधरें नहीं तो उन पर भी कार्रवाई होगी।