यूपी के बाराबंकी में साल 2015 के बहुचर्चित माती चौकी आगजनी और पुलिसकर्मियों पर हमले के मामले में सोमवार को अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने 22 दोषियों को सात-सात साल कारावास की सजा सुनाई। फैसला सुनते ही अदालत परिसर में मौजूद परिजनों में मायूसी छा गई। उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
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फैसले से पहले माती क्षेत्र से भारी संख्या में ग्रामीण और दोषियों के परिजन कोर्ट परिसर के बाहर मौजूद रहे। सभी को उम्मीद थी कि अदालत विभिन्न बिंदुओं पर विचार करते हुए राहत दे सकती है। दोपहर में जैसे ही अदालत ने 22 लोगों को सात-सात वर्ष की सजा सुनाई, कुछ देर के लिए परिसर में सन्नाटा पसर गया। कई महिलाओं की आंखों से आंसू छलक पड़े। परिजन एक-दूसरे को ढांढस बंधाते नजर आए।
गौरतलब है कि वर्ष 2015 में देवा क्षेत्र की माती पुलिस चौकी में आगजनी, तोड़फोड़ और पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला किया गया था। मामले में अदालत पहले ही 22 अभियुक्तों को दोषी करार दे चुकी थी।