बाराबंकी। ड्राई रन की सफलता से उत्साहित स्वास्थ्य विभाग ने जिलेभर में 61 स्थानों पर कोरोना का टीका लगाए जाने को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। इसके लिए सीएचसी के अलावा निजी अस्पतालों को टीकाकरण केंद्र बनाया गया है। इस कार्य में करीब 366 कर्मचारियों को लगाया गया है। टीकाकरण के बाद व्यक्ति को किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिए उसे करीब आधा घंटे की निगरानी के लिए चिकित्सकों की निगरानी में रखा जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की मानें तो मकर संक्रांति के बाद कोरोना का टीका लगाने का कार्य शुरू किया जा सकता है। पहले चरण में सरकारी और निजी अस्पतालों में कार्य करने वाले 14 हजार 970 स्वास्थ्य कर्मियों का यह टीका लगाया जाना है। कोरोना वैक्सीन लगाए जाने को लेकर किए गए रिहर्सल की सफलता के बाद विभाग आगे की तैयारियों में जुट गया है। विभाग की मानें तो 61 अस्पतालों को टीकाकरण केंद्र बनाया गया है। इस कार्य में 366 कर्मचारियों को लगाया गया है।
इसमें सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों को भी शामिल किया गया है। इस कार्य में उन अस्पतालों का सहयोग लिया जा रहा है जो ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रहे हैं और जिनके पास किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए हर प्रकार की सुविधाएं हों।
विभाग का कहना है कि ऐसे अस्पतालों का चयन इसलिए किया गया है जो टीकाकरण के बाद यदि व्यक्ति को किसी प्रकार की दिक्कत होती है तो उसे तत्काल फर्स्ट एड की सुविधा मुहैया करा सके। विभाग हर पहलू को ध्यान रखते हुए कोरोना टीकाकरण के कार्य को अंजाम देने में लगा हुआ है जिससे कार्यक्रम को पूरी तरह से सफल बनाया जाए सके।
ऑब्जर्वेशन कक्ष में होगी आधे घंटे की निगरानी
कोरोना वैक्सीन लगाए जाने के बाद व्यक्ति को आधा घंटे के लिए उसे चिकित्सकों की निगरानी में रखा जाएगा। इसके लिए प्रत्येक टीम के साथ चिकित्सकों की एक टीम भी तैनात की गई है। विभाग का कहना है कि जिन चिकित्सकों की इस कार्य में ड्यूटी लगाई गई है वह पूरी तरह से प्रशिक्षित हैं, क्योंकि विभाग टीकाकरण को लेकर किसी प्रकार का कोई रिस्क नहीं लेना चाहता है।
कोरोना वैक्सीन कब मिलेगी इसकी तिथि अभी निर्धारित नहीं है लेकिन उम्मीद है कि माह के अगले सप्ताह में वैक्सीन हमें मिल जाएगी। टीकाकरण के लिए हमने 61 टीमें बनाई हैं और करीब 366 कर्मचारियों की ड्यूटी इस कार्य के लिए लगाई गई है। इसके अलावा हर टीम के साथ एक चिकित्सकों की टीम भी तैनात की गई है जो टीकाकरण के बाद व्यक्ति को आधा घंटे तक अपनी निगरानी में रखेगी।
-डॉ. बीकेएस चौहान, सीएमओ
टीकाकरण में भी हासिल करेंगे सफलता
कोरोना वैक्सीन लगाए जाने को लेकर आयोजित ड्राई रन में जिन कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी कार्यक्रम की सफलता के बाद ये सभी काफी उत्साहित हैं। कहा कि जिस तरह से हम लोगों ने रिहर्सल में अपनी जिम्मेदारी को निभाया है, टीकाकरण के दौरान इससे बेहतर कार्य करके दिखाएंगे। सतरिख सीएचसी पर ड्राई रन में लगी एएनएम सरोज कुमारी बताती हैं कि कोरोना वैक्सीन के आने का इंतजार है। हम लोगों को इस महामारी से निपटने के लिए जो जिम्मेदारी सौंपी जाएगी उसको पूरी मेहनत और ईमानदारी से करने के लिए तैयार हैं।
डॉ. अजीत झा भी कार्यक्रम की सफलता से काफी उत्साहित हैं। बड़ागांव सीएचसी की एएनएम लक्ष्मी शर्मा कार्यक्रम की सफलता से काफी उत्साहित हैं। कहती हैं कि ड्राई रन तो सफल रहा ही है हकीकत में हम लोग दोगुने उत्साह से कार्य करने के लिए तत्पर हैं। डॉ. विजय कुमार ने बताया कि हम लोग किसी भी आपात स्थिति से निपटने को पूरी तरह से तैयार हैं। देवा सीएचसी की नर्स छवि चतुर्वेदी ने बताया कि कोरोना टीकाकरण का रिहर्सल काफी सुखद अनुभव रहा। डॉ. कैलाश शास्त्री ने बताया कि कोरोना टीकाकरण को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।