हैदरगढ़ (बाराबंकी)। सुबेहा नगर पंचायत क्षेत्र के विस्तार के प्रस्ताव में सीमा से सटी पंचायत को छोड़ दिया गया है। एक से तीन किमी दूर आबादी को जोड़ने के प्रस्ताव पर ग्रामीणों में नाराजगी है। जबकि नगर सीमा से शून्य किमी पर मौजूद खानपुर पंचायत के गांवों को प्रस्ताव में सम्मिलित नहीं किया गया है।
वर्ष 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह द्वारा गठित सुबेहा नगर पंचायत के विस्तार की कवायद चल रही है। विधायक बैजनाथ रावत की सिफारिश पर डीएम ने इस संबंध में नगर पंचायत से प्रस्ताव भेजवाने के निर्देश दिए थे। नगर पंचायत बोर्ड में बहुमत से विस्तार का प्रस्ताव निरस्त होने पर जिला प्रशासन के माध्यम से शासन को विस्तार का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजने की तैयारी चल रही है। प्रस्तावित योजना के मुताबिक, तीन ग्राम पंचायतों व अन्य दो ग्राम पंचायतों के चार गांव को नगर पंचायत में सम्मिलित होना है।
इनमें सुबेहा नगर पंचायत से मोहीउद्दीन सरांय करीब तीन किमी दूर तथा पलिया की दूरी डेढ़ किमी है। जबकि सुबेहा नगर क्षेत्र सीमा से शून्य किमी दूरी पर तथा वार्ड पलिहार पुरवा से सटी ग्राम पंचायत खानपुर को विस्तार के प्रस्ताव में शामिल नहीं किया गया है। खानपुर की कुल आबादी 5060 है और पंचायत का गांव सरांय चंदेल नगर सीमा सुबेहा-शुकुलबाजार मोड़ पर स्थित है। यहां के पूर्व प्रधान अवधेश सिंह चंदेल व सरिता सिंह का कहना है कि पंचायत के तमाम लोग व्यवसाय व अन्य कार्यों के लिए सुबेहा के लोगों से जुड़े हैं तथा नगर पंचायत गठित होने के समय से नगरीय सुविधाओं की मांग करते रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रस्ताव का किया विरोध
हैदरगढ़। सुबेहा नगर पंचायत में मोहीउद्दीन सरांय को शामिल किए जाने के प्रस्ताव पर मोहीउद्दीन सरांय के ग्रामीणों ने विरोध जताया। इन लोगों ने कहा कि नगर का विस्तार मानक के अनुसार नहीं हो रहा है। बुधवार को मोहीउद्दीन सरांय में ग्रामीणों ने सुबेहा नगर पंचायत में शामिल किए जाने के प्रस्ताव का विरोध किया। ग्रामीणों ने कहा कि नगर सीमा से सटे गांव को छोड़कर चार से पांच किमी दूर मौजूद गांवों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
गांव में अधिकतर लोग कृषि पर निर्भर व गरीब हैं जो नगरीय क्षेत्र में लगने वाले नए कर का वहन नहीं कर सकेंगे। मालूम हो पलिया ग्राम पंचायत के लोग भी नगर में शामिल होने का विरोध कर रहे है। ग्रामीणों के मुताबिक, विधायक द्वारा प्रस्ताव में संशोधन का आश्वासन दिया गया है। विरोध प्रदर्शन के दौरान दौरान देवीदीन, हरिनाथ सिंह, राजमित्र वर्मा, सुर्जभान, अंबरीश, महेश यादव आदि मौजूद रहे।