बाराबंकी। मतदान के बाद स्ट्रांग रूम में रखी गई 2615 ईवीएम मशीनों को लेकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम है। सीसीटीवी कैमरों से स्ट्रांग रूम का सुरक्षा निगरानी का हर पल रिकार्ड हो रहा है। इसके बावजूद मतगणना तक ईवीएम की सुरक्षा को लेकर सपा व कांग्रेस के कार्यकर्ता खासे चिंतित नजर आ रहे हैं। इसके चलते ही आयोग की अनुमति के बाद दोनों ही पार्टियों के छह कार्यकर्ता नियमित तौर पर ईवीएम कक्षों की निगरानी में जुटे हैं।
दूसरी तरफ भाजपा ने प्रशासनिक स्तर पर स्ट्रांग कक्ष की सुरक्षा के लिए किए गए इंतजामों पर भरोसा जताते हुए कहा कि ईवीएम की रखवाली की कोई जरूरत महसूस न किए जाने की बात कही। जिले में 20 मई को लोकसभा चुनाव को लेकर 2615 बूथों पर मतदान होने के बाद ईवीएम व वीवीपैट मशीनें कड़ी सुरक्षा में जिला मुख्यालय पहुंचा कर नवीन मंडी परिसर में बनाए गए स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखी गई थी। सीलबंद कमरों में रखी ईवीएम की सुरक्षा निगरानी अर्धसैनिक बलों के जिम्मे है। इसके बावजूद इंडी गठबंधन के संयुक्त प्रत्याशी तनुज पुनिया ने ईवीएम की निगरानी के लिए निर्वाचन आयोग से विशेष अनुमति के तहत शिफ्टवार दो-दो लोगों की ड्यूटी लगाई है।
यह कार्यकर्ता स्ट्रांग रूम में लगे सीसीटीवी कैमरों से जुड़े एलईडी पर कमरों के अंदर का दृश्य देखते हैं। उधर, भाजपा के जिलाध्यक्ष अरविंद मौर्य ने बताया कि उन्हें सुरक्षा व्यवस्था पर पूरा भरोसा है, इसलिए ईवीएम की निगरानी व रखवाली करने की जरूरत, उन्हें है जिन्हें मतगणना से पहले हार का अंदेशा सता रहा है।
बाराबंकी जिले की दरियाबाद विधानसभा लोकसभा क्षेत्र अयोध्या में पड़ती है। लेकिन वहां के 458 बूथों पर मतदान कराने से लेकर मतगणना तक का जिम्मा बाराबंकी के जिला प्रशासन के पास है। इन बूथों की ईवीएम भी बाराबंकी के स्ट्रांग रूम में रखी गई है। पिछले चुनावों में दरियाबाद के मतदाताओं ने ही जीत-हार तय करने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके चलते ही यह चर्चा व्याप्त है कि मतगणना बाराबंकी में होगी पर हार-जीत की घोषणा अयोध्या क्षेत्र के मतों से ही होगी।