बाराबंकी। जिले के सभी 23 थानों में शनिवार को आयोजित थाना समाधान दिवस में जमीनी विवाद, पारिवारिक कलह और सरकारी भूमि पर कब्जे जैसे मामलों के साथ कुछ ऐसे प्रकरण भी पहुंचे, जिन्होंने अधिकारियों का ध्यान खींचा। सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक से दोपहर तक थानों में फरियादियों की आवाजाही बनी रही।
डीएम ईशान प्रताप सिंह और एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने मसौली थाने में फरियादियों की समस्याएं सुनीं। कोठी थाने में न्यायालय के स्थगन आदेश वाली भूमि पर कब्जे की शिकायत सामने आई। वहीं कोला गांव में सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटवाने की कार्रवाई भी की गई। जिलेभर में कुल 80 मामलों का निस्तारण किया गया। करीब 50 जगहों पर जमीन की नापजोख हुई।
सास-बहू आमने-सामने मगर खत्म हुआ विवाद
शहर कोतवाली में समाधान दिवस के दौरान एक वृद्ध महिला अपने बेटे और बहू की शिकायत लेकर पहुंचीं। बहू ने आरोप लगाया कि उन्हें बेटी पैदा होने का ताना दिया जाता है, जबकि वृद्धा ने अपने साथ दुर्व्यवहार की शिकायत दोहराई। कहा सुबह से चाय तक नहीं पी। ऐसे में सीओ संगम कुमार ने अपने हिस्से का नाश्ता कराया। समझौता कराया गया कि बहू-बेटा बिजली नहीं काटेंगे।
पुष्पा व गोपाल की जमीन टीम ने कराई चिह्नित
शहर कोतवाली में श्रीराम कॉलोनी बड़ेल निवासी पुष्पा और उनके पति गोपाल अपने जमीन के विवाद को लेकर पहुंचे। उन्होंने शिकायत की कि विपक्षी उनके प्लाट तक पहुंचने का रास्ता बाधित कर रहा है। इस पर संयुक्त मजिस्ट्रेट गुंजिता अग्रवाल ने टीम को मौके पर भेजा। भूमि की पैमाइश कर सीमाएं चिह्नित कराई गईं। विवाद शांत हो गया।
साहब, बेरोजगारी का भी कर दीजिए समाधान
जैदपुर थाने में उस समय मौजूद लोग मुस्कुरा उठे, जब इसरौली सेठ गांव निवासी रिंकू पहुंचे। रिंकू ने प्रार्थना पत्र देते हुए एसएचओ संतोष सिंह से कह कि बेरोजगार हूं, चौकीरार पद पर भर्ती कर लीजिए। बेरोजगारी दूर हो सके। हालांकि अधिकारियों ने बताया कि समाज के हित में कौन सा काम किया है। बताए तो सोचा जाएगा। यहां 10 शिकायतें दर्ज हुईं।