बाराबंकी। सर्द हवाओं के कारण बढ़ी ठंड में एसएनसीयू (सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट) वार्ड में नवजातों के इलाज के उपलब्ध सभी 12 बेड फुल हो गए हैं। बेड फुल हो जाने के बावजूद सांस संबंधी समस्याओं के साथ कम वजन की परेशानी से पीड़ित 18 नवजातों का इलाज वार्ड में चल रहा है। इलाज के लिए क्षमता से अधिक बच्चों के कारण मजबूरी में अब यहां आने वाले बच्चों को रिफर करना पड़ रहा है।
एसएनसीयू की स्टाफ नर्स लवली ने बताया कि सामान्य रूप से नवजात का वजन ढाई से तीन किलोग्राम होना चाहिए। लेकिन समय से पहले प्रसव और एनीमिया से ग्रसित माताओं से जन्मे बच्चों में यह वजन सामान्य से कम होता है। ऐसे बच्चे ठंड के मौसम में जल्दी बीमार हो जाते हैं। जिला महिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि ठंड में नवजात बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे उनमें संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। बताया कि नवजात को ठंड से बचाने के साथ स्तनपान नियमित रूप से कराना चाहिए। संक्रमण और अन्य बीमारियों से बचाने के लिए नवजातों को गर्म वातावरण में रखना भी बेहद जरूरी होता है। कमजोर बच्चों को अस्पताल में भर्ती कर विशेष देखभाल की जा रही है।