बाराबंकी। रसोई गैस सिलिंडर की पर्याप्त उपलब्धता के प्रशासनिक दावों से हकीकत अलग है। सिलिंडर पाने के लिए उपभोक्ताओं को एजेंसियों पर धक्के खाने पड़ रहे हैं। जिस एजेंसी पर गैस होती है, वहां सिलिंडर पाने के लिए भोर तीन बजे से ही लाइनें लग जाती हैं। तमाम लोगों को पूरा दिन लाइन में लगने के बाद भी निराश होकर लौटना पड़ता है।
जिला पूर्ति अधिकारी के अनुसार जिले की सभी 63 एजेंसियों पर 20 हजार से अधिक घरेलू गैस सिलिंडर उपलब्ध हैं। प्रतिदिन 10 से 12 हजार लोग गैस लेने के लिए एजेंसियों पर पहुंचते हैं। इसके बावजूद, उपभोक्ताओं को गैस पाने के लिए लंबी कतारें लगानी पड़ रही हैं। सिद्धौर में इंडेन गैस एजेंसी पर बुकिंग के बाद सिलिंडर गोदाम के बजाय गाड़ी से दिए जा रहे हैं। आरोप है कि एजेंसी संचालक वाहन से सिलिंडर देने के लिए 950 रुपये वसूल रहे हैं।
कोटवाधाम में इंडियन गैस एजेंसी पर बुकिंग के बाद 45 दिन बाद आने को कहा जा रहा है। कुछ उपभोक्ताओं का आरोप है कि उन्होंने सिलिंडर नहीं उठाया, लेकिन उनके हिस्से की गैस कोई और ले गया है।
डीएसओ ने बताया कि जहां पर पाइप लाइन से गैस आपूर्ति की जा रही है वहां पर कंपनी की ओर से मांग पर तत्काल व्यावसायिक गैस कनेक्शन दिया जाएगा। बशर्ते उस क्षेत्र में पाइप लाइन गैस आपूर्ति की व्यवस्था होनी चाहिए।