बाराबंकी। शहर के रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने के दौरान हुए हादसे में जान गंवाने वाले आजमगढ़ निवासी मनोज कुमार का शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराया गया। वहीं, हादसे में गंभीर रूप से घायल उनकी पत्नी वंदना लखनऊ के केजीएमयू के आईसीयू में भर्ती हैं और कोमा में हैं। हादसे के समय सुरक्षित बचे तीनों मासूम बच्चों को परिजन मनोज के शव के साथ आजमगढ़ ले गए हैं। जीआरपी मामले की जांच कर रही है।
बृहस्पतिवार रात करीब नौ बजे आजमगढ़ के लाटघाट क्षेत्र के मुहम्मदपुर गांव निवासी मनोज कुमार पत्नी वंदना और पांच वर्ष, तीन वर्ष तथा ढाई माह की तीन बच्चियों के साथ रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। उन्हें उत्सर्ग एक्सप्रेस से आजमगढ़ जाना था। वंदना तीनों बच्चियों को लेकर ट्रेन में चढ़ गई थीं। इसी दौरान ट्रेन चलने लगी।
ट्रेन में चढ़ते समय मनोज का पैर फिसल गया और वह पहियों की चपेट में आ गए। उन्हें बचाने के प्रयास में वंदना भी नीचे गिर गईं, जिससे उनका पैर कट गया। आजमगढ़ से मनोज के भाई सनोज और अन्य परिजन रात करीब तीन बजे बाराबंकी पहुंचे। भाई का शव देखकर सनोज बदहवास हो गए। शुक्रवार शाम उन्होंने बताया कि वंदना का केजीएमयू के आईसीयू में उपचार चल रहा है। चिंताजनक बनी हुई है।
स्ट्रेचर न मिलने से उपचार में हुई देरी
हादसे के बाद रेलवे सुरक्षा बल ने एंबुलेंस बुला ली थी, लेकिन स्टेशन पर काफी देर तक स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं हो सका। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार करीब 20 से 25 मिनट तक घायल दंपती को स्ट्रेचर का इंतजार करना पड़ा। इससे उपचार शुरू होने में भी देरी हुई। लोगों ने सवाल उठाए कि ट्रेन में तो स्ट्रेचर होना ही चाहिए।
मम्मी को चोट लगी, पापा गए इलाज कराने
हादसे के बाद रेलवे सुरक्षा बल ने तीनों बच्चों को रातभर अपने संरक्षण में रखा। ढाई माह की बच्ची को एक महिला कर्मी ने रात भर संभाला। वहीं पांच वर्षीय हिमांशी बार-बार यही कहती रही, मम्मी को चोट लग गई है, पापा उनका इलाज कराने गए हैं, अभी आते ही होंगे। मासूम की यह बात सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
मालगाड़ी की चपेट में आकर दोनों पैर कटे
दरियाबाद क्षेत्र में बृहस्पतिवार रात मालगाड़ी की चपेट में आने से मजदूर के दोनों पैर कट गए। बक्सुतिनपुरवा मजरे पतुलकी गांव निवासी जयपाल सिंह (46) शटरिंग का काम कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बृहस्पतिवार रात वह अकेले घर लौट रहे थे। इसी दौरान रानेपुर गांव के पास वह मालगाड़ी की चपेट में आ गए। हादसे के चलते अयोध्या की ओर जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस को दरियाबाद स्टेशन पर कुछ देर तक रुकना पड़ा। मजदूर का इलाज केजीएमयू में चल रहा है।